शबाना आजमी ने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें और जावेद अख्तर को हिंदू और मुस्लिम हर वर्ग से नफरत मिलती है। उन्होंने कहा कि कई बार उन पर फतवे लगाए गए और कई बार उन्हें आतंकवादी तक कहा जाता है।
शबाना आजमी ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘जावेद और मेरे हम दोनों के सिर पर ये श्रेय है कि हमें दोनों इनटोलरेंट कम्युनिटी के जो हिस्से हैं, वो बर्दाश्त नहीं कर पाते। हिंदू कट्टरपंथी और मुस्लिम कट्टरपंथी दोनों। तो फिर हमें लगता है कि हमारी धर्मनिर्पेक्ष सोच तो साबित होती है।’
आगे शबाना आजमी ने कहा, ‘कभी मौलवी हमें फतवा दे रहा है, कभी कोई हमें आतंकवादी कह रहा है। मुझे ये लगता है कि हमें हिंदू-मुस्लिम नेरेटिव से ऊपर उठना होगा। और मुझे लगता है कि सिर्फ एक ही तरीका है, जिससे ये हो सकता है, वो ये कि जब हमें हिंदू- मुस्लिम के झगड़े में धकेला जाए, तो हम इसमें फंसे न। ये लड़ाई हिंदू मुस्लिम की नहीं बल्कि उदार और कट्टर रसोच रखने वाले लोगों की होनी चाहिए। लिब्रल हिंदू और लिब्रल मुस्लिम को एक साथ होना चाहिए और इनटोलरेंट हिंदू-मुस्लिम को एक साथ होना चाहिए। ऐसे ही हमारे अंदर से धर्म का जहर का निकलेगा।’
















