जशपुर के रंजीता स्टेडियम में कृष्ण भक्ति और उल्लास का संगम: भव्य दही हांडी उत्सव में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल; गोविंदाओं का बढ़ाया उत्साह
जशपुर (छत्तीसगढ़)
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- जशपुर के रंजीता स्टेडियम में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उल्लास के साथ भव्य दही हांडी उत्सव का आयोजन।
- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल, गोविंदाओं और श्रद्धालुओं का बढ़ाया उत्साह।
- गोविंदा टोलियों ने मानव पिरामिड बनाकर दिखाया अद्भुत साहस, अनुशासन और सामूहिक प्रयास।
- पूरा रंजीता स्टेडियम ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष और भक्ति भजनों से हुआ गुंजायमान।
- मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा: “दही हांडी उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर, सामाजिक समरसता और एकजुटता का प्रतीक है।”
- हजारों की संख्या में महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने लिया भाग।
भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आस्था और अभूतपूर्व उल्लास से सराबोर जशपुर का रंजीता स्टेडियम एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक संध्या का गवाह बना। जिले के रंजीता स्टेडियम में आयोजित भव्य दही हांडी उत्सव में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया।
स्टेडियम परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्ति रस में डूब गया। मंत्री राजेश अग्रवाल ने उत्सव स्थल पर पहुंचकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया, गोविंदाओं का उत्साहवर्धन किया तथा पूरे प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं दही हांडी उत्सव की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
गोविंदाओं ने दिखाया साहस, अनुशासन और सामूहिक शक्ति
उत्सव का मुख्य आकर्षण गोविंदा टोलियों द्वारा दही हांडी फोड़ने का बेहद रोमांचक और साहसिक प्रदर्शन रहा। ऊंचाई पर बांधी गई माखन की हांडी तक पहुंचने के लिए गोविंदाओं ने एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर बहुस्तरीय मानव पिरामिड बनाया। गोविंदाओं के इस प्रदर्शन में अद्वितीय संतुलन, आपसी विश्वास, अनुशासन और सामूहिक प्रयास की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
जैसे ही साहसी गोविंदा ने हवा में लहराती दही हांडी को फोड़ा, पूरा स्टेडियम ‘जय श्री कृष्णा’, ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। उपस्थित दर्शकों ने करतल ध्वनि से नन्हे और युवा गोविंदाओं का जमकर अभिनंदन किया।
“दही हांडी केवल एक उत्सव या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारी सामूहिक शक्ति, अटूट सहयोग और परस्पर विश्वास का अमर प्रतीक है। जब समाज एकजुट होकर किसी लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाता है, तो कठिन से कठिन चुनौती को भी आसानी से पार किया जा सकता है। गोविंदा टोली का हर सदस्य एक-दूसरे की शक्ति पर भरोसा करता है, और यही सामाजिक एकजुटता हमारे छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है।”
संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मुख्य पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति, अद्वितीय परंपराओं और विविधतापूर्ण सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजनों से है। दही हांडी जैसे पारंपरिक पर्व हमारी महान विरासत को आने वाली नई पीढ़ी तक स्थानांतरित करने का सशक्त माध्यम हैं।
सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव जरूरी
मंत्री अग्रवाल ने कहा, “हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक पहचान है। ऐसे पवित्र पर्व न केवल हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवंत रखते हैं, बल्कि आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने का कार्य भी करते हैं। हमारा यह नैतिक दायित्व है कि हम इन समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखें और भावी पीढ़ियों को सौंपें।”
उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन-वृत्तांत मानव समाज को निष्काम कर्म, सत्य, करुणा, कर्तव्य और लोककल्याण का मार्ग दिखाता है। उनके बताए आदर्श युगों-युगों तक प्रासंगिक रहेंगे।
कृष्ण भक्ति के गीतों से गुंजायमान हुआ स्टेडियम
दही हांडी उत्सव के दौरान प्रसिद्ध गायकों और सांस्कृतिक मंडलियों द्वारा प्रस्तुत कृष्ण भजनों ने समां बांध दिया। “तेरे नैना हेरत हेरत, माखन चुराए नंदलाल…” जैसे भावपूर्ण भजनों पर लोग झूमते नजर आए। भजनों की सुरम्य लहरियों ने रंजीता स्टेडियम के पूरे माहौल को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।
इस भव्य आयोजन में समाज के हर वर्ग—महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे—बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को बांटने के बजाय जोड़ने का पावन कार्य करते हैं। ऐसे अवसरों पर लोग आपसी मतभेदों और विषमताओं को भुलाकर एक साथ खुशियां मनाते हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द और समरसता की नींव मजबूत होती है।
जशपुर की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई ऊर्जा
मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयोजन समिति के सदस्यों, पुलिस व प्रशासनिक अमले, गोविंदा टोलियों तथा जशपुर की जनता को इस ऐतिहासिक और सफल आयोजन के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने जशपुर की धार्मिक आस्था और लोक परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर की यह सांस्कृतिक जीवंतता पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती है।
कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसके बाद सभी ने एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी। इस आयोजन ने जशपुर में एकता, सौहार्द और कृष्ण भक्ति का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।













