केंद्र सरकार की ‘नमस्ते’ (NAMASTE) योजना में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय स्तर पर डंका: क्रियान्वयन की रैंकिंग में संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान हासिल किया; डिप्टी सीएम अरुण साव ने दी बधाई
रायपुर (छत्तीसगढ़)
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान प्राप्त किया।
- छत्तीसगढ़ के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी भी संयुक्त रूप से शीर्ष पायदान पर।
- उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और मैदानी अमले को दी बधाई।
- राज्य में 1,465 सीवर-सेप्टिक टैंक कर्मियों का सत्यापन, 1,428 को पीपीई किट और 1,374 को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराए गए।
- वेस्ट पिकर्स के सशक्तिकरण के तहत 6,799 कर्मियों का सत्यापन पूर्ण; 512 को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण और 991 को दिए गए पीपीई किट।
- आपतकालीन सेवाओं के लिए राज्य में 47 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयां (ERSU) स्थापित; 14420 हेल्पलाइन से जुड़ा तंत्र मजबूत।
सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता कार्यों में शत-प्रतिशत मशीनीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE – नमस्ते) योजना के अंतर्गत राज्यों के प्रदर्शन की राष्ट्रीय रैंकिंग जारी की गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी ने भी संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य में स्वच्छता मित्रों और सीवर कर्मियों की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य अधिकारों और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
“छत्तीसगढ़ का ‘नमस्ते’ योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना हमारी सरकार की प्राथमिकताओं का प्रमाण है। राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण सफाई कार्यों को पूरी तरह समाप्त करना और कर्मियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हमारा संकल्प है। यह उपलब्धि स्वच्छता के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य करने की ओर हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।”
सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों के सत्यापन और सुरक्षा का मजबूत ढांचा
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक 1,487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें से 1,465 कर्मियों का भौतिक सत्यापन सफलता पूर्वक पूरा हो चुका है। राज्य के 169 नगरीय निकायों में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 1,428 कर्मियों को उच्च गुणवत्ता वाले पीपीई (PPE) किट वितरित किए गए हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूती प्रदान करते हुए 1,374 सीवर कर्मियों को ‘आयुष्मान भारत कार्ड’ प्रदान किए गए हैं, जिससे वे और उनका परिवार मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। इसके अलावा, 139 कर्मियों को गहन व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण और 923 कर्मियों को विशेष कार्यशालाओं के माध्यम से सुरक्षा उपकरणों के उपयोग व सावधानियों का प्रशिक्षण दिया गया है।
राज्यभर में व्यापक स्तर पर आयोजित हुआ ‘नमस्ते’ दिवस
योजना के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से 14 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में विशेष ‘नमस्ते’ दिवस का आयोजन किया गया था। इस राज्यव्यापी आयोजन में 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन कार्यक्रमों के दौरान स्वच्छता मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण (OST), सम्मान समारोह तथा पीपीई किट व आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया था।
वेस्ट पिकर्स (कचरा बीनने वाले) के लिए भी व्यापक अभियान
‘नमस्ते’ योजना के तहत केवल सीवर कर्मियों तक ही सुरक्षा सीमित नहीं है, बल्कि कचरा बीनने वाले ‘वेस्ट पिकर्स’ के कल्याण के लिए भी बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में अब तक 8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 6,799 कर्मियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है।
इनमें से 991 वेस्ट पिकर्स को कार्यस्थल सुरक्षा के लिए आवश्यक पीपीई किट दिए जा चुके हैं, जबकि 512 वेस्ट पिकर्स को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आगामी चरणों में 6,287 अन्य वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षित करने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
47 ईआरएसयू (ERSU) और 14420 हेल्पलाइन से त्वरित सहायता
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने और जोखिममुक्त सफाई के लिए राज्य में 47 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयां (Emergency Response Sanitation Units – ERSU) स्थापित की गई हैं। ये इकाइयां राज्य के सभी 14 नगर निगमों, 24 जिला मुख्यालयों और 9 द्वितीय सर्वाधिक जनसंख्या वाले नगरीय निकायों में क्रियाशील की गई हैं।
इनमें से 39 ERSU को आधुनिक सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ERSU और राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14420 के एकीकरण से राज्य में आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए त्वरित, सुरक्षित और मशीनीकृत प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया गया है।
100 अंकों के कड़े मूल्यांकन पैमाने पर छत्तीसगढ़ ने बाजी मारी
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्यों के मूल्यांकन के लिए 100 अंकों का एक अत्यंत सख्त पैमाना निर्धारित किया गया था। छत्तीसगढ़ ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:
- 1. कर्मियों का सत्यापन (20 अंक): प्रोफाइल किए गए स्वच्छता कर्मियों के सटीक वेरिफिकेशन हेतु।
- 2. मशीनीकरण (10 अंक): स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) के माध्यम से आधुनिक मशीनों के प्रयोग हेतु।
- 3. आपातकालीन व्यवस्था (20 अंक): ERSU की स्थापना और 14420 हेल्पलाइन के सुचारू संचालन हेतु।
- 4. सामाजिक सुरक्षा (20 अंक): आयुष्मान कार्ड, बीमा और पीपीई किट के शत-प्रतिशत कवरेज हेतु।
- 5. जवाबदेही एवं प्रवर्तन (30 अंक): कानूनी प्रावधानों के कड़ाई से पालन, मुआवजा और शून्य मृत्यु दर सुनिश्चित करने हेतु।
वर्ष 2023 से संचालित है राष्ट्रीय ‘नमस्ते’ योजना
सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित व गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर जोखिम से मुक्ति दिलाने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 से ‘नमस्ते’ योजना चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य असुरक्षित और खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई करने (Manual Scavenging) की कुप्रथा को पूरी तरह खत्म करना और स्वच्छता कार्यों में मृत्यु दर को शून्य (Zero Fatality) के स्तर पर लाना है।
इस योजना में सीवर-सेप्टिक टैंक कर्मी (SSW), कचरा बीनने वाले (Waste Pickers), नाली साफ करने वाले तथा सीवेज एवं फ़ीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP/FSTP) में कार्यरत कर्मचारियों को शामिल किया गया है। योजना का संचालन केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जिसकी राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसी National Safai Karamcharis Finance and Development Corporation (NSKFDC) है। छत्तीसगढ़ में इसे नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया गया है।













