बस्तर का भविष्य वहां की जनता की इच्छाओं से तय होगा, उद्योगों के नाम पर भ्रम फैलाने वाले होंगे बेनकाब: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान; कहा— ‘विष्णु भैया’ कहलाना मेरा सबसे बड़ा सौभाग्य
रायपुर (छत्तीसगढ़)
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक टीवी साक्षात्कार में बस्तर के विकास, नक्सलवाद पर निर्णायक सफलता और महिला सशक्तिकरण पर विस्तार से रखी बात।
- बस्तर में उद्योगों के लिए रास्ता तैयार करने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा— “विकास का मॉडल स्थानीय जनता ही तय करेगी।”
- नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता के बाद शांति व विकास का नया दौर शुरू, कृषि, पर्यटन और पशुपालन पर सरकार का विशेष जोर।
- भ्रामक नैरेटिव फैलाने वालों पर साधा निशाना— कहा, जो नक्सलवाद के खिलाफ कभी खड़े नहीं हुए, वे अब लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
- छत्तीसगढ़ की बहनों द्वारा ‘विष्णु भैया’ पुकारे जाने को बताया अपना सबसे बड़ा सौभाग्य और जनसेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा।
- अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुंच और महिलाओं के आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बस्तर का विकास वहां के स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं, प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ही तय किया जाएगा। बस्तर की जनता को किसी भी तरह के भ्रम या बहकावे में आने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार क्षेत्र की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और स्थानीय संभावनाओं—जैसे कृषि, पर्यटन, पशुपालन व हस्तशिल्प को आधार बनाकर आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ा रही है।
एक निजी समाचार चैनल को दिए गए अपने विशेष साक्षात्कार में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में जारी नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता, बस्तर के भावी विकास मॉडल, भ्रामक दावों की हकीकत और महिला सशक्तिकरण समेत कई महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़ और विकास का नया वातावरण
बस्तर के विकास और उद्योगीकरण से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक बस्तर नक्सली हिंसा के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा रहा। आज सुरक्षा बलों के शौर्य और सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति से जब नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई अपने अंतिम व निर्णायक मुकाम पर पहुंच चुकी है, तब क्षेत्र में अभूतपूर्व शांति और प्रगति का माहौल बना है।
उन्होंने कहा कि शांति स्थापित होते ही कुछ असामाजिक और स्वार्थी तत्व बस्तरवासियों के बीच यह झूठा प्रचार कर रहे हैं कि सरकार का उद्देश्य नक्सलवाद खत्म कर बड़े उद्योगों को जमीन सौंपना है। मुख्यमंत्री ने इस नैरेटिव को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। बस्तर के लोग जैसा विकास चाहेंगे, सरकार ठीक उसी दिशा में कदम बढ़ाएगी।
“जो लोग दशकों तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में कभी खड़े नहीं हुए या प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से हिंसा का समर्थन करते रहे, वे आज शांति का वातावरण बनते देख नए भ्रामक नैरेटिव गढ़ रहे हैं। लेकिन बस्तर की जनता अब पूरी तरह जागरूक है। बस्तर का भविष्य वहां के आदिवासियों और स्थानीय निवासियों की इच्छा से तय होगा, किसी बाहरी नैरेटिव से नहीं।”
कृषि, पशुपालन और पर्यटन पर केंद्रित बस्तर की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बस्तर की अद्वितीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को सहेजते हुए वहां के युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जोड़ना है। सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक अब स्कूल, अस्पताल, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
बस्तर विकास की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं:
- 1. उन्नत कृषि और वनोपज: स्थानीय किसानों को सशक्त बनाना और लघु वनोपज का प्रसंस्करण (Processing) कर मूल्य संवर्धन करना।
- 2. ईको-टूरिज्म का विस्तार: बस्तर के प्राकृतिक जलप्रपातों, गुफाओं और जीवंत लोक-संस्कृति को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना।
- 3. पशुपालन और स्वरोजगार: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और कुक्कुट पालन जैसी योजनाओं से युवाओं को जोड़ना।
“बहनों का ‘भैया’ कहना मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य”
इंटरव्यू के दौरान जब एंकर ने प्रदेश भर की महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री को आत्मीयता से ‘विष्णु भैया’ कहकर संबोधित करने पर सवाल पूछा, तो मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लाखों-करोड़ों बहनें जब उन्हें अपना सगा भाई मानकर ‘भैया’ पुकारती हैं, तो यह उनके जीवन का सबसे सुखद और गौरवशाली क्षण होता है।
उन्होंने कहा कि बहनों का यह निश्छल स्नेह, अटूट विश्वास और आशीर्वाद ही उन्हें दिन-रात जनता की सेवा करने की नई ऊर्जा प्रदान करता है। एक भाई का फर्ज निभाते हुए वे अपनी हर बहन की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली के लिए पूरी तरह वचनबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी ऐतिहासिक पहलों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की हर महिला को सशक्त, स्वावलंबी और आत्मविश्वासी बनाना है, ताकि वे परिवार और प्रदेश की प्रगति में बराबरी की भागीदार बन सकें।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा विकास का लाभ
अपने साक्षात्कार के अंत में मुख्यमंत्री साय ने दोहराया कि जनता का विश्वास ही उनकी सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार के हर निर्णय और नीति के केंद्र में छत्तीसगढ़ का हर नागरिक है। बस्तर के सुदूर अंचलों से लेकर सरगुजा की पहाड़ियों तक, विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उनकी सरकार का मूल ध्येय है।
बस्तर की समृद्ध संस्कृति, निर्भीक परंपरा और प्राकृतिक सुंदरता की रक्षा करते हुए उसे देश के सबसे खुशहाल अंचलों में शामिल करना ही राज्य सरकार का अंतिम संकल्प है।













