बलरामपुर विशेष
बलरामपुर: जिला स्तर पर गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ शिक्षक सम्मान समारोह; 21 उत्कृष्ट गुरुजन ज्ञानदीप व शिक्षादूत पुरस्कार से अलंकृत
कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ कार्यक्रम, जिले में प्रयास विद्यालय और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा
बलरामपुर: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय बलरामपुर स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित कर उनकी सेवाओं को सराहा गया।
समारोह का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकवृंद एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण व मुख्य अतिथि के प्रमुख बिंदु
- 21 शिक्षकों का सम्मान: विभिन्न विकासखण्डों से चयनित 3 उत्कृष्ट शिक्षकों को ‘ज्ञानदीप’ एवं 18 शिक्षकों को ‘शिक्षादूत’ पुरस्कार से अलंकृत किया गया।
- भविष्य के निर्माण का आधार: शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं कराता, बल्कि पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माण करता है।
- स्थानीय स्तर पर बेहतर शिक्षा: बलरामपुर जिले में ‘प्रयास विद्यालय’ तथा ‘नर्सिंग महाविद्यालय’ की स्थापना की जा रही है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर मिलेंगे।
- प्रेरणास्रोत डॉ. राधाकृष्णन: पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने सर्वोच्च पद पर रहकर भी स्वयं को सदैव शिक्षक माना, जो आज के गुरुजनों के लिए अनुकरणीय है।
ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित हुए ये शिक्षक
समारोह में जिले के विभिन्न विकासखण्डों में शैक्षणिक क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले 21 गुरुजनों को सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अग्रिम श्रेणी के तीन शिक्षकों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।
| पुरस्कार | स्थान | शिक्षक का नाम | पद एवं संस्था |
|---|---|---|---|
| ज्ञानदीप पुरस्कार | प्रथम | श्याम सुन्दर चौरगे | शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा (राजपुर) |
| ज्ञानदीप पुरस्कार | द्वितीय | नीलीमा एक्का | शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा |
| ज्ञानदीप पुरस्कार | तृतीय | जवाहर लाल पैकरा | प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई (शंकरगढ़) |
| शिक्षादूत पुरस्कार | विशेष सम्मान | 18 उत्कृष्ट शिक्षक | जिले के विभिन्न विकासखण्डों के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय |
“शिक्षक ही गढ़ते हैं देश का उज्ज्वल भविष्य” — रामविचार नेताम
मुख्य अतिथि मंत्री रामविचार नेताम ने उपस्थित जनसमूह को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा— “माता-पिता बच्चे को जन्म अवश्य देते हैं, लेकिन उसे संवारने, सही मार्ग दिखाने और उसका भविष्य गढ़ने का संपूर्ण दायित्व शिक्षक ही निभाते हैं। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का योगदान अमूल्य है।” उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार प्रत्येक छात्र को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।
कलेक्टर ने बताया शिक्षक को राष्ट्र निर्माण की धुरी
समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर चन्दन संजय त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थी के जीवन का पहला पथ-प्रदर्शक शिक्षक ही होता है। शिक्षक राष्ट्र निर्माण की मुख्य धुरी हैं। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों पर ऐसा सकारात्मक प्रभाव छोड़ें जिससे वे आगे चलकर समाज और देश के लिए एक मिसाल बन सकें।
गणमान्य नागरिकों एवं अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर तथा जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण एवं स्कूली छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

















