धर्म एवं ज्योतिष
आज का पंचांग: 10 सितंबर 2026, भाद्रपद कृष्ण पक्ष अमावस्या | जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया
दैनिक सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, करण, योग और दिशाशूल का विस्तृत विवरण
भोपाल: भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, अनुष्ठान या यात्रा की शुरुआत करने से पहले तिथियों और शुभ मुहूर्तों का आकलन किया जाता है। हिंदू पंचांग के मुख्य पांच अंग होते हैं— तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं आज के विस्तृत पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के बारे में।
आज के पंचांग के मुख्य बिंदु (10 सितंबर 2026)
- मास व पक्ष: भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष
- मुख्य तिथि: अमावस्या (पितृ कार्य व स्नान-दान के लिए विशेष महत्व)
- वार: गुरुवार (भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा का दिन)
- विक्रम संवत: 2083 | शक संवत: 1948
- राहुकाल: दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक (शुभ कार्य वर्जित)
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
ग्रहों और नक्षत्रों की गति का सटीक निर्धारण सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर आधारित होता है। आज का समय इस प्रकार है:
| घटना | समय (IST) |
|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | प्रातः 06:04 बजे |
| सूर्यास्त (Sunset) | सायं 06:32 बजे |
| चंद्रोदय (Moonrise) | अमावस्या तिथि के कारण चंद्र दर्शन नहीं होंगे |
| चंद्रास्त (Moonset) | सायं 06:18 बजे |
पंचांग के पांच मुख्य अंग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दैनिक जीवन में पंचांग के इन पांच अंगों की स्थिति देखना अत्यंत लाभदायक माना जाता है:
| अंग | विवरण |
|---|---|
| तिथि (Tithi) | अमावस्या (रात 09:12 बजे तक, तत्पश्चात शुक्ल पक्ष प्रतिपदा) |
| नक्षत्र (Nakshatra) | पूर्वाफाल्गुनी (दोपहर 12:45 बजे तक, तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी) |
| योग (Yoga) | सिद्ध योग (प्रातः 08:20 बजे तक, तत्पश्चात साध्य योग) |
| करण (Karana) | नाग (प्रातः 10:15 बजे तक), तत्पश्चात किस्तुघ्न |
| वार (Day) | गुरुवार (Thursday) |
आज का विशेष धार्मिक महत्व: भाद्रपद अमावस्या
भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि का धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व है। इसे पिठोरी अमावस्या या कुशग्रहणी अमावस्या भी कहा जाता है। आज के दिन नदी स्नान, दान-पुण्य और पितरों के तर्पण से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। गुरुवार का दिन होने से भगवान सत्यनारायण की कथा और केला वृक्ष का पूजन अत्यंत फलदायी रहेगा।
शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
शुभ मुहूर्त में शुरू किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। आज के मुख्य शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
| शुभ मुहूर्त का प्रकार | समय सीमा |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:53 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक |
| अमृत काल | प्रातः 07:15 बजे से प्रातः 08:48 बजे तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:32 बजे से प्रातः 05:18 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:23 बजे से दोपहर 03:13 बजे तक |
अशुभ समय एवं राहुकाल (Ashubh Muhurat)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल और अन्य अशुभ मुहूर्तों में नए कार्य की शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए:
| अशुभ समय | समय सीमा |
|---|---|
| राहुकाल (Rahukaal) | दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक |
| यमगण्ड | प्रातः 06:04 बजे से प्रातः 07:37 बजे तक |
| गुलिक काल | प्रातः 09:10 बजे से दोपहर 10:43 बजे तक |
| दुर्मुहूर्त | प्रातः 10:13 बजे से प्रातः 11:03 बजे तक |
दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
| चौघड़िया प्रकार | समय सीमा | प्रकृति |
|---|---|---|
| शुभ | प्रातः 06:04 से प्रातः 07:37 | उत्तम |
| रोग | प्रातः 07:37 से प्रातः 09:10 | अशुभ |
| उद्वेग | प्रातः 09:10 से दोपहर 10:43 | अशुभ |
| चर | दोपहर 10:43 से दोपहर 12:16 | सामान्य |
| लाभ | दोपहर 12:16 से दोपहर 01:49 | उत्तम |
| अमृत | दोपहर 01:49 से दोपहर 03:22 | सर्वोत्तम |
दिशाशूल और उपाय
आज गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। इसलिए आज दक्षिण दिशा में अकारण लंबी यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पूर्व दही, जीरा या थोड़ा सा गुड़ खाकर निकलें और अपने इष्टदेव का स्मरण करें।















