अपराध एवं प्रशासन
सागर अवैध शराब कांड: दोषियों को फांसी तक की सजा और बेदखली की कार्रवाई; अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया जायजा
बंडा-शाहगढ़ की घटना पर प्रशासन को ‘फ्री हैंड’; बीएमसी में पीड़ितों का हाल जाना, परिजनों को दिया हरसंभव मदद का भरोसा
सागर: सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध जहरीली शराब से हुई मौतों के संवेदनशील मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। सागर पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस गंभीर अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य शासन अपराध और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के सभागार में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक एवं कार्रवाई के प्रमुख बिंदु
- कठोर कानून का प्रयोग: धारा 49 और 304 के तहत आजीवन कारावास व फांसी तक की सजा के प्रावधान के तहत होगी कार्रवाई।
- प्रशासन को ‘फ्री हैंड’: अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त करने और अवैध साम्राज्य चलाने वालों पर बुलडोजर एक्शन के निर्देश।
- अस्पताल में आत्मीय संवाद: बीएमसी पहुंचकर भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना; 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश।
- सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन: पड़ोसी जिलों व सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर और धरपकड़ अभियान।
- अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा: सोशल मीडिया पर शांति व सौहार्द बिगाड़ने वाली अफवाहों पर कठोर दंडात्मक कदम।
“दोषियों को मिलेगी फांसी की सजा, अवैध संपत्तियों पर चलेगा चाबुक”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मिलावटी व अवैध शराब के खिलाफ बेहद सख्त कानून का प्रावधान है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय बनाए गए इस कानून में आबकारी अधिनियम की धारा 49 और बीएनएस/आईपीसी की धारा 304 के तहत आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा— “हमने प्रशासन को पूरी तरह से फ्री हैंड दे दिया है। जो भी इस प्रकार के अवैध कारोबार में लिप्त हैं, उनके अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त किया जाएगा और उनके द्वारा चलाए जा रहे अवैध तंत्र को पूरी तरह से नेस्तनाबूत किया जाएगा।”
| क्षेत्र / विषय | राज्य सरकार का निर्देश एवं एक्शन प्लान |
|---|---|
| कानूनी कार्रवाई | कठोरतम धाराओं में केस दर्ज; दोषियों को फांसी तक की सजा दिलाने की तैयारी। |
| अतिक्रमण पर एक्शन | अवैध शराब कारोबारियों की संपत्तियों व अवैध निर्माणों पर कठोर कार्रवाई। |
| जांच निष्पक्षता | दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई, लेकिन किसी भी निर्दोष को परेशान न करने का स्पष्ट निर्देश। |
| स्वास्थ्य सुविधाएं | बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पीड़ितों को निशुल्क एवं सर्वोत्तम 24×7 इलाज की व्यवस्था। |
| जनजागरूकता अभियान | सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को साथ लेकर प्रदेशव्यापी नशा मुक्ति अभियान। |
“चिंता मत करिए, सरकार हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है” — मुख्यमंत्री
बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तुरंत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के वार्डों में पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों के पास जाकर उनकी सेहत का हालचाल जाना और परिजनों को बंधास बंधाया। मुख्यमंत्री ने बीएमसी के प्रभारी डीन और वरिष्ठ चिकित्सकों को 24 घंटे विशेषज्ञों की तैनाती, आवश्यक दवाओं और सभी जरूरी टेस्ट निशुल्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर चलेगा नशा मुक्ति अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कानून ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता से भी इस बुराई को खत्म किया जाएगा। पूरे प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन बनाया जाएगा, जिसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं का सक्रिय सहयोग लिया जाएगा।
बैठक व निरीक्षण में प्रमुख जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस दौरान दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, रहली विधायक गोपाल भार्गव, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, बंडा विधायक वीरेन्द्र सिंह लोधी, बीना विधायक निर्मला सप्रे, देवरी विधायक ब्रज बिहारी पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, श्याम तिवारी, महापौर संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।













