श्रद्धांजलि एवं नमन
महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया पुण्य स्मरण
मुख्यमंत्री ने कहा: “उनका शौर्य, समर्पण और त्याग आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा”
भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी (बाघा जतीन) के बलिदान दिवस पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके अद्वितीय शौर्य और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
अमर सेनानी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी: मुख्य बातें
- अद्भुत शौर्य: भारत माता की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी।
- मुख्यमंत्री का संदेश: उनका अमर त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को मातृभूमि के प्रति कर्तव्यबद्ध रहने का मार्ग दिखाता रहेगा।
- प्रेरणास्रोत: देश की युवा पीढ़ी के लिए उनका जीवन राष्ट्रसेवा का अनूठा उदाहरण है।
“मातृभूमि के प्रति समर्पण का अमर प्रतीक” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर क्रांतिकारी को याद करते हुए कहा— “राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी का शौर्य, समर्पण और त्याग आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा। उनका अमर बलिदान देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।”
| व्यक्तित्व / संदर्भ | मुख्य संदेश |
|---|---|
| अमर क्रांतिकारी | जतीन्द्रनाथ मुखर्जी (बाघा जतीन) |
| अवसर | बलिदान दिवस / पुण्य स्मरण |
| श्रद्धांजलि प्रदाता | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव |
| मुख्य विचार | राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए उनका अद्वितीय त्याग और शौर्य पीढ़ियों के लिए प्रेरणापुंज है। |
राष्ट्रसेवा का अद्वितीय उदाहरण
भारतीय स्वाधीनता संग्राम में जतीन्द्रनाथ मुखर्जी का योगदान अद्वितीय रहा है। अपने अदम्य साहस और देशप्रेम के कारण वे इतिहास में अमर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऐसे महान वीरों के बलिदान के कारण ही आज हमारा देश आजाद हवा में सांस ले रहा है, और उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।













