आज का इतिहास: 14 सितंबर की ऐतिहासिक, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाएं
इतिहास के पन्नों में 14 सितंबर की तिथि विशेष महत्व रखती है। भारत के संवैधानिक और भाषाई इतिहास के दृष्टिकोण से यह दिन अत्यंत गौरवशाली है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसके अतिरिक्त, वैश्विक पटल पर सैन्य रणनीतियों, अंतरिक्ष अन्वेषण, राजनीतिक परिवर्तनों और महान विभूतियों के जन्म एवं निधन के संदर्भ में 14 सितंबर का दिन कई ऐतिहासिक मोड़ दर्ज करा चुका है।
मुख्य बिंदु: 14 सितंबर
- 1949: भारतीय संविधान सभा ने हिंदी को भारत संघ की राजभाषा स्वीकार किया।
- 1959: सोवियत संघ का अंतरिक्ष यान ‘लूना-2’ चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला पहला मानव निर्मित ऑब्जेक्ट बना।
- 1960: बगदाद में खनिज तेल निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) की स्थापना हुई।
- 1901: अमेरिकी राष्ट्रपति विलियम मैकिनले का गोली लगने के बाद निधन हुआ; थियोडोर रूजवेल्ट राष्ट्रपति बने।
- 1923: महान रचनाकार रामबहादुर राय एवं प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक बी. आर. चोपड़ा का जन्म।
1. राष्ट्रीय हिंदी दिवस और 14 सितंबर 1949 का ऐतिहासिक निर्णय
14 सितंबर का दिन संपूर्ण भारत में ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। इस ऐतिहासिक निर्णय को भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय 1 की धारा 343(1) में स्थान दिया गया, जिसके अनुसार भारत संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी।
हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिलाने के लिए काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविंद दास और व्यौहार राजेंद्र सिंह जैसे दिग्गजों ने लंबा संघर्ष किया। व्यौहार राजेंद्र सिंह के 50वें जन्मदिन (14 सितंबर 1949) पर ही यह निर्णय सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया था। तत्पश्चात, 1953 से प्रतिवर्ष 14 सितंबर को देशभर में हिंदी दिवस मनाया जाने लगा।
“हिंदी किसी भाषा को विस्थापित करने के लिए नहीं, बल्कि भारत की विविध भाषाई परंपराओं को एक सूत्र में पिरोने वाली कड़ी है।”
2. वैश्विक इतिहास में 14 सितंबर की प्रमुख घटनाएं
विश्व इतिहास के दृष्टिकोण से 14 सितंबर कई अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक, वैज्ञानिक और राजनीतिक घटनाओं का गवाह रहा है:
अंतरिक्ष विज्ञान का ऐतिहासिक क्षण (1959)
14 सितंबर 1959 को सोवियत संघ के अंतरिक्ष कार्यक्रम ने इतिहास रचा जब उसका ‘लूना-2’ (Luna 2) अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर उतरा। यह चंद्रमा तक पहुँचने वाला पहला मानव निर्मित ऑब्जेक्ट था। इस घटना ने शीत युद्ध के दौर में सोवियत संघ को अमेरिका पर अंतरिक्ष दौड़ (Space Race) में बढ़त दिलाई थी।
OPEC का गठन (1960)
14 सितंबर 1960 को बगदाद सम्मेलन के दौरान खनिज तेल निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) की स्थापना की गई थी। इसके संस्थापक सदस्यों में ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला शामिल थे। इस संगठन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का नियमन और वैश्विक ऊर्जा नीति को प्रभावित करना था।
अमेरिकी राजनीति में मोड़ (1901)
14 सितंबर 1901 को अमेरिका के 25वें राष्ट्रपति विलियम मैकिनले का 6 सितंबर को हुए जानलेवा हमले के बाद निधन हो गया। उनके निधन के उपरांत थियोडोर रूजवेल्ट ने अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। रूजवेल्ट 42 वर्ष की आयु में अमेरिका के सबसे युवा राष्ट्रपति बने थे।
3. 14 सितंबर: प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं की कालक्रमानुसार तालिका
- 1741: जॉर्ज फ्रेडरिक हैंडेल ने अपने प्रसिद्ध वाद्ययंत्र संगीत ‘मसीहा’ (Messiah) की रचना पूरी की।
- 1812: नेपोलियन बोनापार्ट की फ्रांसीसी सेना ने मॉस्को में प्रवेश किया। रूसी सेना ने शहर खाली कर आग लगा दी थी, जिससे नेपोलियन की सेना संकट में पड़ गई।
- 1901: अमेरिकी राष्ट्रपति विलियम मैकिनले का निधन।
- 1917: रूस को आधिकारिक रूप से एक गणराज्य घोषित किया गया।
- 1949: हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।
- 1959: सोवियत यान लूना-2 चंद्रमा की सतह से टकराया और इतिहास रचा।
- 1960: ओपेक (OPEC) की स्थापना।
- 1998: उत्तर कोरिया ने अपना नया संविधान लागू किया और किम इल सुंग को मरणोपरांत देश का ‘शाश्वत राष्ट्रपति’ घोषित किया।
- 2000: माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज मिलेनियम एडिशन (Windows Me) जारी किया।
- 2003: स्वीडन ने यूरोपीय एकल मुद्रा ‘यूरो’ को अपनाने के खिलाफ मतदान किया।
4. 14 सितंबर को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्तित्व
आज के दिन साहित्य, सिनेमा, राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित हस्तियों का जन्म हुआ:
- 1914: गोपाल प्रसाद व्यास – प्रसिद्ध हिंदी कवि, साहित्यकार और हास्य-व्यंग्यकार।
- 1914: बी. आर. चोपड़ा (बलदेव राज चोपड़ा) – भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्माता और निर्देशक, जिन्होंने ‘नया दौर’, ‘वक्त’ और पौराणिक धारावाहिक ‘महाभारत’ का निर्माण किया।
- 1923: रामबहादुर राय – भारत के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और विचारक।
- 1932: दुर्गाबाई भागवत – प्रसिद्ध मराठी लेखिका और समाज सुधारक।
- 1954: श्रीकांत जिचकार – भारत के सर्वाधिक योग्य व्यक्ति का रिकॉर्ड रखने वाले राजनीतिज्ञ और सिविल सेवक।
5. 14 सितंबर को हुए प्रमुख निधन
आज ही के दिन कई ऐसी महान हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कहा जिन्होंने अपने क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी:
- 1901: विलियम मैकिनले – अमेरिका के 25वें राष्ट्रपति।
- 1927: इसाडोरा डंकन – प्रसिद्ध अमेरिकी नर्तकी, जिन्हें आधुनिक नृत्य का जनक माना जाता है।
- 1971: ताराशंकर बंद्योपाध्याय – ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध बांग्ला साहित्यकार।
- 1982: ग्र्रेस केली – हॉलीवुड अभिनेत्री और मोनाको की राजकुमारी।
- 2011: हरिश्चंद्र बर्नवाल – जाने-माने भारतीय लेखक और पत्रकार।
6. 14 सितंबर का सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व
14 सितंबर केवल अतीत के अभिलेखों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह वर्तमान में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और संवर्धन के लिए संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। देश भर के शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और सांस्कृतिक संगठनों में आज के दिन कार्यशालाएं, निबंध प्रतियोगिताएं और संगोष्ठियां आयोजित की जाती हैं। यह दिन हमें हमारी सांस्कृतिक पहचान और भाषाई विविधता के सम्मान की याद दिलाता है।












