डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने ली अपराध समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और डिजिटलीकरण के दिए कड़े निर्देश
पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा जिले के समस्त थाना और चौकी प्रभारियों की विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक ली गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निपटारा, पुलिस कार्यप्रणाली में आधुनिक डिजिटल व्यवस्था को लागू करना और जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
बैठक के दौरान लंबे समय से लंबित अपराधों, मर्ग, शिकायतों, गुम इंसान, म्यूल अकाउंट, पीओएस से संबंधित मामलों और खात्मा स्वीकृत प्रकरणों की बारीक समीक्षा की गई। डीआईजी एवं एसएसपी ने सभी प्रभारियों को इन मामलों के शीघ्र निराकरण के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ लघु अधिनियम व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही बढ़ाने और जिला बदर योग्य अपराधियों के प्रतिवेदन तत्काल कार्यालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए।
बैठक के मुख्य दिशा-निर्देश:
- लंबित मामलों का निपटारा: लंबित अपराध, मर्ग, शिकायत एवं खात्मा प्रकरणों की समीक्षा कर त्वरित निराकरण के निर्देश।
- डिजिटलीकरण पर जोर: CCTNS पोर्टल, ई-साक्ष्य, मालखाना एंट्री और मेडिकल रिपोर्ट हेतु MedLeaPR पोर्टल का शत-प्रतिशत उपयोग।
- विजिबल पुलिसिंग: आगामी त्योहारों के मद्देनजर भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त व सघन पेट्रोलिंग।
- साइबर जागरूकता: ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत प्रतिदिन स्कूल, कॉलेज व सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम।
- भौतिक सत्यापन: गुम इंसान मामलों में पुलिस टीम द्वारा निवास स्थान जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन करने के निर्देश।
CCTNS एवं डिजिटल पोर्टल का अनिवार्य उपयोग
बैठक में पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। CCTNS के तहत ई-साक्ष्य, मालखाना एंट्री, VCNB एंट्री और मेडिकल रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने के लिए MedLeaPR पोर्टल का उपयोग अनिवार्य किया गया है। प्रथम सूचना पत्र (FIR) को पोर्टल पर अपलोड करने से पूर्व अनिवार्य रूप से ई-सिग्नेचर (E-Signature) करने और CCTNS में IIF-1 से IIF-6 तक की ऑनलाइन एंट्री पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए गए।
इसके अलावा माननीय न्यायालय द्वारा जारी समंस, वारंट और नोटिस को प्राथमिकता के आधार पर तामील कर ई-समंस के माध्यम से न्यायालय में ऑनलाइन पेश करने को कहा गया। थानों में जब्त लावारिस वाहनों की नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा एनडीपीएस और राजसात के प्रकरणों में त्वरित वैधानिक कार्यवाही के आदेश दिए गए।
त्योहारों के दृष्टिगत सुरक्षा व विजिबल पुलिसिंग
आगामी त्योहारों के मद्देनजर क्षेत्र में शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य चौराहों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर ‘विजिबल पुलिसिंग’ बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पेट्रोलिंग टीमों को गश्त तेज करने और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही संदिग्ध व गंभीर अपराधों के मामलों में एफएसएल (FSL) टीम को अनिवार्य रूप से घटना स्थल पर रवाना करने के निर्देश दिए गए।
साइबर जागृति और सेवा संकल्प अभियान
वित्तीय धोखाधड़ी से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए ‘साइबर जागृति अभियान’ के अंतर्गत थाना/चौकी प्रभारियों को प्रतिदिन स्कूल-कॉलेजों, सोसायटियों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर 2026 को जिला सरगुजा के सभी पुलिस कार्यालयों में दीप प्रज्वलन करने एवं अभियान के अंतर्गत आयोजित अन्य गतिविधियों में सक्रिय रहने हेतु रक्षित निरीक्षक व थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया।
थाना प्रभारियों को वितरित किए गए डिजिटल उपकरण
बैठक के समापन पर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय से प्राप्त ऑनलाइन एंट्री डिवाइस, ई-सिग्नेचर पेन, डिजिटल क्यूआर कोड स्कैनर, डिजिटल लाइव स्कैनर और थंब मशीन थाना/चौकी प्रभारियों को प्रदान की गई। इन उपकरणों का बेहतर रखरखाव और निर्धारित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल (भा.पु.से.), अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तुल सिंह पट्टावी, उप पुलिस अधीक्षक सुरेश भगत, उप पुलिस अधीक्षक राकेश बघेल, रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत, थाना प्रभारी कोतवाली, थाना प्रभारी गांधीनगर, थाना प्रभारी मणिपुर सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।













