बिलासपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के ‘आदिवासी’ नहीं बल्कि ‘वनवासी’ कहे जाने वाले बयान पर भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी हैं या नहीं, इसका प्रमाण पत्र देने का अधिकार कांग्रेस को नहीं है।
धरमलाल कौशिक कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले अपने कार्यकर्ताओं को बताएं कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान के प्रति उनकी जिम्मेदारी क्या है।
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने सोमवार को भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े की जानकारी दी।
धरमलाल कौशिक ने बताया कि बिलासपुर में सेवा पखवाड़े के तहत 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा इन कार्यक्रमों के जरिए सेवा, सुशासन और जनकल्याण का संदेश जनता तक पहुंचाएगी।
‘वनवासी’ बयान पर कहा- कांग्रेस के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
धरमलाल कौशिक ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के ‘वनवासी’ वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल इलाकों की जनता ने चुनाव में अपना फैसला सुना दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कांग्रेस के किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।
प्रशिक्षण शिविर पर कसा तंज
कांग्रेस के संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी विधायक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को प्रशिक्षण कार्यक्रम करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस को पहले लोकतंत्र और संविधान पर विश्वास करना सीखना होगा।
कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं को यह भी बताना चाहिए कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान के प्रति उसकी जिम्मेदारी क्या है।
शराब घोटाले पर भी कांग्रेस को घेरा
शराब घोटाले के आरोपों पर धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बने शराब सिंडिकेट को भाजपा सरकार ने खत्म किया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवस्था में बदलाव कर शराब कारोबार में पारदर्शिता लाने का काम किया गया है।













