भारत 8वीं बार विमेंस एशिया कप चैंपियन बना। टीम ने दुबई में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में टीम इंंडिया ने सबसे ज्यादा 32 छक्के लगाए।
इस मैच में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी कर डाली।
हालांकि प्रेजेंटेशन सेरेमनी में टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
‘ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला BCCI’ भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला BCCI ने लिया है और हम फैसले के साथ हैं। हमारे लिए यह टूर्नामेंट खत्म हो चुका है। हम चैंपियन हैं, हमारे लिए इतना ही काफी है। अब हमारा ध्यान एशियाई खेलों पर है। मुझे टीम के हर खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ पर गर्व है।’ BCCI ने दिए थे दो विकल्प BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि भारतीय टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के पक्ष में नहीं थी। बोर्ड ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी के लिए दो विकल्प सुझाए थे। पहले विकल्प में ACC के डिप्टी चेयरमैन खालिद अल जरूनी को ट्रॉफी देने का प्रस्ताव था। दूसरे विकल्प में हाल की परंपरा के अनुसार विजेता बोर्ड के प्रतिनिधि से ट्रॉफी दिलाने की बात कही गई थी। सैकिया ने बताया कि नकवी ने दोनों विकल्पों को स्वीकार नहीं किया और दोनों पक्ष अपने रुख पर कायम रहे।













