एरोड्रम थाने में भाजपा कार्यकर्ता पं. जयदीप दुबे और उनके बहनोई पंकज शुक्ला के साथ कथित मारपीट के मामले को तीन दिन होने जा रहे हैं, लेकिन घटनाक्रम अब भी सवालों के घेरे में है। कार्रवाई से ज्यादा चर्चा पुलिस अधिकारियों के बदलते बयानों की हो रही है।
घटना वाली रात पहले टीआई समेत सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की बात कही गई। इसके बाद चार से पांच पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने का बयान आया और अंत में चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर टीआई वेदेंद्र सिंह को लाइन अटैच किया गया।
राजनीतिक दबाव और प्रभाव के बीच फरियादी भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस की थ्योरी भी अलग-अलग रही।
दूसरी ओर, पुलिस, जयदीप दुबे और पड़ोसी पक्ष के बयानों में भी अंतर है। पुलिस के मुताबिक, दुबे का पड़ोसी से विवाद हुआ था और मारपीट का वीडियो सामने आया।













