मेरठ के दो चर्चित हत्याकांडों में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और रविता कश्यप को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में उनके प्रेमियों को भी मृत्युदंड दिया गया है। इन फैसलों के बाद इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम का मामला भी चर्चा में है।
मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद राजा की मां उमा रघुवंशी ने भी सोनम समेत अपने बेटे की हत्या के पांचों आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
तीनों मामलों में हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं, लेकिन क्या समान धाराओं के कारण सोनम को भी फांसी की सजा हो सकती है? क्या उसे उम्रकैद या बरी होने जैसी राहत मिल सकती है और तीनों मामलों में कानूनी अंतर क्या हैं?













