भोपाल मास्टर प्लान के नए ड्राफ्ट को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है।
किसानों का आरोप है कि प्रस्तावित प्लान में 66 गांवों की कृषि भूमि को रिवरफ्रंट, फॉरेस्ट, ग्रीन बेल्ट और अन्य आरक्षित श्रेणियों में शामिल करने से हजारों किसानों की खेती और आजीविका पर असर पड़ सकता है।
बड़ा तालाब के आसपास की कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए किसान गुरुवार को मुगालिया छाप से पदयात्रा निकालकर नगर तथा ग्राम निवेश (टीएंडसीपी) के संयुक्त संचालक कार्यालय पहुंचेंगे।
यहां वे लिखित आपत्तियां दर्ज कराएंगे। किसानों की मांग है कि कृषि भूमि का लैंडयूज पहले की तरह कृषि ही रखा जाए और किसी भी बदलाव से पहले संबंधित गांवों में ग्रामसभाएं कराकर किसानों की सहमति ली जाए।













