Advertisement

आज का पंचांग 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी शुभ मुहूर्त, राहुकाल और 12 राशियों का राशिफल | Panchang Today






आज का पंचांग: 22 अक्टूबर 2026 | शुभ मुहूर्त, राहुकाल एवं धार्मिक समाचार


दैनिक वैदिक पंचांग एवं धार्मिक समाचार

दिनांक: 22 अक्टूबर 2026 | आश्विन शुक्ल एकादशी, विक्रम संवत 2083

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
शक संवत: 1948 (पराभव)
मास: आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: गुरुवार

1. आज के पंचांग का ज्योतिषीय एवं सामाजिक महत्व

सनातन धर्म में पंचांग की भूमिका केवल तिथि या समय देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा, सूर्य-चंद्रमा की गतियों और मानव जीवन पर उनके प्रभाव का एक सूक्ष्म वैज्ञानिक लेखा-जोखा है। ‘पंचांग’ शब्द संस्कृत के दो शब्दों—’पंच’ (पाँच) और ‘अंग’ (भाग) से मिलकर बना है। ये पाँच मुख्य अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

आज दिनांक 22 अक्टूबर 2026, दिन गुरुवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इस एकादशी को पापांकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस प्रकार अंकुश से हाथी को नियंत्रित किया जाता है, उसी प्रकार यह एकादशी मनुष्य के समस्त पापों पर अंकुश लगाती है और उसे मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर करती है।

आज का दिन गुरु ग्रह (बृहस्पति) को समर्पित है, जिन्हें ज्ञान, धर्म, समृद्धि और सौभाग्य का कारक माना जाता है। पंचांगीय दृष्टि से आज के दिन धनिष्ठा एवं शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो नए कार्यों की योजना बनाने, धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने और व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ माना जाता है।

2. सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र गणना

किसी भी वैदिक गणना में स्थानीय सूर्योदय का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आज सूर्य का संचार तुला राशि में हो रहा है, जबकि चंद्रमा कुंभ राशि में विद्यमान हैं।

सूर्योदय (Sunrise) प्रातः 06:25:53 AM
सूर्यास्त (Sunset) सायं 05:45:02 PM
चंद्रोदय (Moonrise) अपराह्न 03:20:59 PM
चन्द्रास्त (Moonset) अगली सुबह 03:18:59 AM (23 अक्टूबर)
सूर्य राशि तुला (चित्रा नक्षत्र)
चंद्र राशि कुंभ (शतभिषा नक्षत्र)
सूर्यायन / ऋतु दक्षिणायन / शरद ऋतु

3. पंचांग के पाँच मुख्य अंग (Panchang Angas)

3.1 तिथि (Tithi)

आज आश्विन शुक्ल एकादशी तिथि है, जो कि अपराह्न 02:47 PM तक रहेगी, इसके पश्चात द्वादशी तिथि का प्रारंभ होगा। एकादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु हैं। इस तिथि में उपवास, दान और प्रभु स्मरण का विशेष फल प्राप्त होता है।

3.2 नक्षत्र (Nakshatra)

आज का मुख्य नक्षत्र धनिष्ठा है, जो दोपहर 02:52 PM तक रहेगा। इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं और यह धन, समृद्धि व संगीत का प्रतीक माना जाता है। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, जो आरोग्य और चिकित्सीय कार्यों के लिए अति उत्तम माना गया है।

3.3 वार (Day)

आज गुरुवार (बृहस्पतिवार) है। गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति तथा भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है। आज के दिन पीले वस्त्र धारण करना, चने की दाल और हल्दी का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है।

3.4 योग (Yoga)

आज प्रातः काल से वृद्धि योग विद्यमान रहेगा, जो रात्रि 11:39 PM तक रहेगा। इसके उपरांत ध्रुव योग का प्रारंभ होगा। वृद्धि योग में शुरू किए गए व्यापारिक कार्य और नए उद्यमों में निरंतर उन्नति होती है।

3.5 करण (Karana)

आज का प्रथम करण विष्टि (भद्रा) है, जो अपराह्न 02:49 PM तक रहेगा। इसके पश्चात बव करण का प्रारंभ होगा, जो देर रात 02:49 AM (23 अक्टूबर) तक रहेगा। भद्रा काल में शुभ व मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।

4. शुभ एवं अशुभ मुहूर्त (Auspicious & Inauspicious Timings)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कोई भी नया कार्य, यात्रा या व्यापारिक सौदा शुरू करने से पहले शुभ और अशुभ काल का विचार अवश्य करना चाहिए।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
WhatsApp Image 2026-09-30 at 04.12.35 (2)

शुभ समय (Auspicious Timings)

अभिजीत मुहूर्त

समय: दोपहर 11:43 AM से 12:28 PM तक

यह दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। इसमें किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त

समय: प्रातः 04:43 AM से 05:35 AM तक

ध्यान, योग, पूजा-पाठ और अध्ययन के लिए यह समय सर्वोत्तम है।

विजय मुहूर्त

समय: दोपहर 02:00 PM से 02:45 PM तक

शत्रु विजय, कानूनी मामलों तथा महत्वपूर्ण वार्ताओं के लिए शुभ।

गोधूलि मुहूर्त

समय: सायं 05:45 PM से 06:10 PM तक

संध्या पूजन और दीपदान के लिए अत्यंत पवित्र समय।

अशुभ समय (Inauspicious Timings – वर्जित काल)

राहुकाल (Rahu Kalam) दोपहर 01:30 PM से 02:55 PM तक इस दौरान कोई भी नया कार्य प्रारंभ न करें।
यमगंड (Yamaganda) प्रातः 06:25 AM से 07:50 AM तक यात्रा और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अशुभ।
गुलिक काल (Gulika Kaal) प्रातः 09:15 AM से 10:40 AM तक शुभ कार्यों में बाधाएं उत्पन्न कर सकता है।
दुष्टमुहूर्त / कंटक दोपहर 10:14 AM से 10:59 AM तक महत्वपूर्ण निर्णयों से बचें।

5. आज का दैनिक चौघड़िया (Day & Night Choghadiya)

चौघड़िया का उपयोग यात्रा की योजना बनाने या त्वरित शुभ मुहूर्त खोजने के लिए किया जाता है।

दिन का चौघड़िया (Day Time)

समय सीमा चौघड़िया का प्रकार गुण/फल
06:25 AM – 07:50 AM शुभ उत्तम (पूजा व धार्मिक कार्य)
07:50 AM – 09:15 AM रोग अशुभ (स्वास्थ्य समस्या)
09:15 AM – 10:40 AM उद्वेग अशुभ (मानसिक तनाव)
10:40 AM – 12:05 PM चर सामान्य (गतिविधि/यात्रा)
12:05 PM – 01:30 PM लाभ उत्तम (व्यापारिक कार्य)
01:30 PM – 02:55 PM अमृत (राहुकाल) मध्यम (राहुकाल का प्रभाव)
02:55 PM – 04:20 PM काल अशुभ (हानिकारक)
04:20 PM – 05:45 PM शुभ उत्तम (मांगलिक कार्य)

6. आज का प्रमुख व्रत एवं पर्व: पापांकुशा एकादशी

पापांकुशा एकादशी का धार्मिक महात्म्य

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ‘पापांकुशा एकादशी’ कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को इस एकादशी का महत्व बताते हुए कहा था कि जो मनुष्य जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति पाना चाहता है, उसे पापांकुशा एकादशी का व्रत नियमपूर्वक करना चाहिए। इस दिन भगवान पद्मनाभ (श्री हरि विष्णु) की पूजा-अर्चना की जाती है।

व्रत की सरल विधि:

  • प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र (अधिमान्यतः पीले) धारण करें।
  • पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान को धूप, दीप, पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करें।
  • पापांकुशा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें अथवा श्रवण करें।
  • ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप निरंतर करते रहें।
  • अगले दिन (द्वादशी तिथि को) शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें और ब्राह्मणों व गरीबों को दान-दक्षिणा दें।

7. आज का दैनिक राशिफल (Rashifal – 22 अक्टूबर 2026)

मेष राशि (Aries)

आज आपका मन धार्मिक कार्यों में लगेगा। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

वृषभ राशि (Taurus)

स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार में मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है।

मिथुन राशि (Gemini)

व्यापार में लाभ के योग हैं। नए संपर्क लाभदायक सिद्ध होंगे। जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा।

कर्क राशि (Cancer)

प्रतिस्पर्धियों पर विजय मिलेगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है।

सिंह राशि (Leo)

विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं।

कन्या राशि (Virgo)

मानसिक शांति बनी रहेगी। भूमि या वाहन क्रय करने का विचार बन सकता है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

तुला राशि (Libra)

पराक्रम में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्राएं सुखद रहेंगी।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

वाणी पर संयम रखें। आर्थिक निवेश सोच-समझकर करें। पारिवारिक सहयोग से कठिन कार्य हल होंगे।

धनु राशि (Sagittarius)

आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अच्छा है।

मकर राशि (Capricorn)

अनावश्यक यात्रा से बचें। बजट का ध्यान रखें। योग और ध्यान के माध्यम से तनाव दूर करने का प्रयास करें।

कुंभ राशि (Aquarius)

चंद्रमा आपकी राशि में है। आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। मन प्रसन्न रहेगा।

मीन राशि (Pisces)

कर्मक्षेत्र में सफलता मिलेगी। पुराने रुके कार्य पूरे होंगे। वरिष्ठजनों का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

8. आज के विशेष ज्योतिषीय उपाय (Thursday Special Remedies)

आज गुरुवार और पापांकुशा एकादशी का दुर्लभ संयोग है। जीवन में सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति के लिए निम्नलिखित उपाय अवश्य करें:

  1. विष्णु सहस्रनाम का पाठ: आज भगवान विष्णु के सहस्रनाम का पाठ करने से कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है और समस्त बाधाएं दूर होती हैं।
  2. केले के वृक्ष की पूजा: प्रातः स्नान के बाद केले के पौधे में जल अर्पित करें, चने की दाल और गुड़ चढ़ाएं तथा शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  3. पीली वस्तुओं का दान: किसी जरूरतमंद या मंदिर में केसर, हल्दी, पीले वस्त्र, या चने की दाल का दान करें।
  4. तुलसी जी का पूजन: सायं काल में तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और 11 बार परिक्रमा करें। (ध्यान रखें एकादशी के दिन तुलसी पत्र न तोड़ें)।

© 2026 प्रदेश खबर एवं सनातन वैदिक पंचांग सेवा। सर्वाधिकार सुरक्षित।

अस्वीकरण: यह पंचांग वैदिक तिथियों और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। स्थान भेद के कारण समय में आंशिक परिवर्तन संभव है।


Festive Hindi Greeting News Banner
WhatsApp Image 2026-10-16 at 21.37.34 (1)
WhatsApp Image 2026-10-18 at 17.22.08
WhatsApp Image 2026-10-16 at 12.30.57