देवास-बदनावर हाइवे के बीच आ रहे तपोभूमि चौराहे पर अब मनमाने तरीके से अधिग्रहण का एक मामला सामने आया है। इसमें जमीन लेने की अधिसूचना जारी होने से लेकर किसान को मुआवजा देने तक की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई। सीधे राजस्व रिकॉर्ड में जमीन नेशनल हाइवे के नाम से दर्ज कर दी गई।
खसरा चेक करते ही ग्राम मेंडिया के किसान किशोर प्रजापत चिंतित हो गए। प्रजापत ने कलेक्टर, एसडीएम सभी को अपनी पीड़ा सुनाई। लिखित आवेदन देकर उनकी जमीन अचानक हाइवे के नाम से कर देने का कारण भी पूछा, लेकिन अब तक उन्हें जवाब नहीं मिला।
किसान प्रजापत ने बताया कि ग्राम मेंडिया के सर्वे नंबर 116/2 (एस) और 114/3/2 (एस) की कुल 0.1800 हेक्टेयर ( 0.97 बीघा) यानी करीब एक बीघा जमीन साल 2024-25 तक मेरे व परिवार के सदस्यों के नाम से ही दर्ज थी। लेकिन अभी कुछ दिन पहले वर्ष 2026-27 का खसरा नंबर चैक किया तो हमारी करोड़ों रुपए कीमत की यह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के नाम से चढ़ा दी गई।













