IIT रोपड़, पंजाब ने PhD स्टूडेंट्स के लिए एक मॉडल तैयार किया है। जिसमें स्टूडेंट्स को अब सालों तक लंबी थीसिस लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इसके बजाय एक अपने ही प्रोडक्ट को बेचकर, उसका प्राफिट इंस्टीट्यूट को दिखाकर डिग्री हासिल कर सकते हैं। IIT रोपड़ इस नए तरीके को अपनाने वाला देश का पहला IIT बन गया है।
प्रोडक्ट/स्टार्टअप-ड्रिवन PhD
IIT रोपड़ ने ‘प्रोडक्ट/स्टार्टअप-ड्रिवन PhD’ पाथवे की शुरुआत की है, यानी एक ऐसा मॉडल जिससे रिसर्च स्कॉलर्स को PhD की डिग्री हासिल करने के लिए सालों-साल बैठकर 200-300 पन्नों की लंबी और भारी-भरकम थीसिस लिखने की जरूरत नहीं होगी।
इसके बजाय स्टूडेंट्स इंडस्ट्रीज में होने वाले रोज के चैलेंजस से कैसे डील करते हैं और उसके लिए किस तरह का बिजनेस मॉडल या कहें स्टार्ट-अप खड़ा करते हैं उसके बेसिस पर उन्हें PhD की डिग्री मिल सकेगी। ये किसी भी IIT का अपने तरह का पहला और अनोख प्रोग्राम है।

















