एक हॉस्पिटल में पेशेंट का CT स्कैन चल रहा है, और रिपोर्ट में कुछ हिस्सा ब्लर आया है। डॉक्टर को समझ नहीं आ रहा है कि क्या वो ब्लर हिस्सा मशीन की गड़बड़ी की वजह से है, वहीं मशीन टेक्नीशियन को नहीं पता कि क्या ये मरीज की किसी बीमारी का संकेत। ऐसे में एक ऐसे प्रोफेशनल की जरूरत है जो मेडिकल और टेक्नोलॉजी दोनों से जुड़ी समझ रखता हो।
IIT मद्रास, IIT खड़गपुर और IIT कानपुर इस मेडिकल एडवांस टेक्नोलॉजी के लिए काम कर रहे हैं।IITs का कहना है कि इनका लक्ष्य ऐसे टेक्निकल एक्सपर्ट तैयार करना है, जो मशीनों और मरीज दोनों को समझ सकें।
सीधी बात ये है कि डॉक्टर शरीर के बारे में जानते हैं और इंजीनियर मशीनों के बारे में। किसी हॉस्पिटल में ऐसी किसी भी यूनिट में मौजूद किसी भी व्यक्ति को दोनों चीजों की ट्रेनिंग नहीं मिली होती है।

















