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भूपेश बघेल का बीजेपी पर तगड़ा हमला: बोले- “नाबालिग अध्यक्ष को कोई सीरियस नहीं लेता”






राजनीतिक घमासान: भूपेश बघेल का बीजेपी के राष्ट्रीय सह-इंचार्ज पर तीखा हमला


छत्तीसगढ़ राजनीति / ब्रेकिंग न्यूज

छत्तीसगढ़ की सियासत में भूचाल: पूर्व सीएम भूपेश बघेल का तंज

प्रकाशित: 29 अक्टूबर 2026 | स्थान: रायपुर (छत्तीसगढ़) | विशेष रिपोर्ट

“भाजपा के ‘नाबालिग अध्यक्ष’ को कोई सीरियस नहीं लेता” – भूपेश बघेल के सोशल मीडिया पोस्ट से गरमाई छत्तीसगढ़ और बिहार की राजनीति

रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व और वरिष्ठ पदाधिकारियों पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें अपरिपक्व और हास्यास्पद करार दिया।

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Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel)

पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ | वरिष्ठ कांग्रेस नेता

“भाजपा के “नाबालिग अध्यक्ष” को कोई सीरियस नहीं लेता.”
मूल ट्वीट लिंक:
https://x.com/bhupeshbaghel/status/2115415441644634325

बयान की पृष्ठभूमि: आखिर क्यों उपजा यह विवाद?

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय व प्रांतीय नेताओं द्वारा विपक्ष और राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने यह तीखा हमला बोला।

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भाजपा नेताओं द्वारा विपक्षी दलों और कांग्रेस आलाकमान पर राष्ट्रविरोधी ताकतों का समर्थन करने और देश में अव्यवस्था फैलाने के आरोप लगाए गए थे। इसके जवाब में भूपेश बघेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के नेता बिना तथ्यों के अनर्गल बयानबाजी करते हैं।

भूपेश बघेल का केंद्र सरकार से तीखा सवाल:

“भारतीय जनता पार्टी के तथाकथित नेताओं द्वारा दिए गए बयानों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। यह अत्यंत हास्यास्पद है। यदि वास्तव में कोई विदेशी ताकतें देश को प्रभावित कर रही हैं या विदेशी फंडिंग आ रही है, तो केंद्र सरकार क्या कर रही है? आप खुद यह स्वीकार कर रहे हैं कि आपका गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय कमजोर और नाकाम हैं। अगर विदेशी फंड आ रहा है, तो सार्वजनिक कीजिए कि कौन ला रहा है और कहां से आ रहा है?”

शब्दबाण “नाबालिग अध्यक्ष” का राजनीतिक संदर्भ

सियासी गल्यारों में भूपेश बघेल द्वारा इस्तेमाल किए गए “नाबालिग अध्यक्ष” शब्द को लेकर जबरदस्त चर्चा छिड़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बघेल का यह तंज राजनीतिक परिपक्वता (Political Maturity) की कमी को दर्शाने के लिए सांकेतिक रूप से इस्तेमाल किया गया है।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के युवा और नए प्रशासनिक पद संभाल रहे नेता केवल शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए बयानबाजी करते हैं, जिनके पास धरातल के मुद्दों और शासन की समझ का अभाव है। इसी अनुभवहीनता को रेखांकित करने के लिए बघेल ने “नाबालिग” शब्द का प्रयोग कड़वे तंज के रूप में किया।

भाजपा का पलटवार: “राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन”

भूपेश बघेल के इस ट्वीट और बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भूपेश बघेल की भाषा शैली पर कड़ा ऐतराज जताया है।

BJP का रुख एवं प्रतिक्रिया

  • अमर्यादित टिप्पणी: भाजपा नेताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह की निम्नस्तरीय भाषा का प्रयोग शोभा नहीं देता।
  • बौखलाहट का नतीजा: भाजपा के अनुसार, सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस नेता अपना मानसिक संतुलन खो रहे हैं और हताशा में असंसदीय भाषा का सहारा ले रहे हैं।
  • संवैधानिक मर्यादा: भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक असहमति हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और बचकाने तंज लोकतंत्र को कमजोर करते हैं।

कांग्रेस का पक्ष एवं बचाव

  • सत्य का आईना: कांग्रेस प्रवक्ताओं ने बघेल के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह तंज भाजपा नेताओं की राजनीतिक अपरिपक्वता पर है।
  • मुद्दों से ध्यान भटकाना: कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था पर बात करने के बजाय मनगढ़ंत आरोप लगाती है।
  • जवाबदेही की मांग: केंद्र सरकार अपनी विफलताओं का दोष विपक्ष पर मढ़ने का प्रयास कर रही है।

2026 के राजनीतिक समीकरण और राष्ट्रीय प्रभाव

छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल लगातार आक्रामक तेवरों में नजर आ रहे हैं। महादेव सट्टा ऐप मामला, शराब घोटाले से जुड़े आरोप और केंद्रीय एजेंसियों (CBI/ED) की जांच के बीच बघेल खुद को राजनीतिक रूप से पीड़ित और आक्रामक विपक्ष के रूप में पेश कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भूपेश बघेल का यह सोशल मीडिया पोस्ट और आक्रामक रुख निम्नलिखित राजनीतिक रणनीतियों का हिस्सा है:

  1. कैडर का उत्साहवर्धन: चुनाव में हार के बाद सुस्त पड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रामकता भरना।
  2. राष्ट्रीय राजनीति में प्रासंगिकता: केंद्रीय भाजपा नेतृत्व पर सीधा हमला कर राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के आक्रामक चेहरे के रूप में खुद को स्थापित रखना।
  3. जांच एजेंसियों के दबाव का मुकाबला: केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध साबित करने की कोशिश।

भूपेश बघेल का यह एक वाक्य का ट्वीट केवल एक बयान नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की राजनीति में एक नया विवाद बन गया है। जहां एक तरफ कांग्रेस इसे भाजपा की नाकामी पर तीखा प्रहार बता रही है, वहीं भाजपा इसे संवैधानिक पदों और नेताओं का अपमान करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस जुबानी जंग के और तेज होने के आसार हैं।

© 2026 डिजिटल न्यूज नेटवर्क | सर्वाधिकार सुरक्षित | यह रिपोर्ट सार्वजनिक बयानों और सोशल मीडिया अपडेट्स पर आधारित है।


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