चक्रवात मुरासु ने सोमवार देर रात करीब 1 बजे आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास तट से टकराना शुरू किया। इसका लैंडफॉल नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास जारी है। यह प्रक्रिया दो घंटे में पूरी होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, 100-110km प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जो कि 120km प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
चक्रवात के असर से विजयवाड़ा में भारी बारिश हुई, जिससे कई सड़कें डूब गईं। IMD ने अगले 12 घंटों तक गुंटूर, बापटला, कृष्णा, नेल्लोर और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में तूफानी लहरों से बाढ़ का खतरा जताया है।
आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट पर 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। वहीं, चेन्नई एयरपोर्ट से भी 11 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से 13 टीमें आंध्र प्रदेश में हैं।
ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों से 1.6 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित जगह भेज दिया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी चक्रवात का असर दिख सकता है।

















