आज का पंचांग 04 नवंबर 2026: तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह गोचर और 12 राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल
1. पंचांग के पाँच मुख्य अंग (Panchang Core Elements)
भारतीय वैदिक ज्योतिषशास्त्र में समय गणना के लिए पंचांग का विशेष महत्व है। ‘पंचांग’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— ‘पंच’ (पाँच) और ‘अंग’ (भाग)। ये पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पाँचों तत्वों के सूक्ष्म तालमेल से ही दिन के शुभ और अशुभ काल का निर्धारण होता है।
| पंचांग तत्व | आज की स्थिति (04 नवंबर 2026) |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थी) |
| शक संवत | 1948 (पराभव) |
| मास (अमांत / पूर्णिमान्त) | आश्विन (अमांत) / कार्तिक (पूर्णिमान्त) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि (Tithi) | दशमी तिथि (प्रातः 11:03 बजे तक), इसके पश्चात् एकादशी तिथि |
| वार (Day) | बुधवार (Budhvar) |
| नक्षत्र (Nakshatra) | पूर्वा फाल्गुनी (रात 03:30 बजे, 05 नवंबर तड़के तक), तत्पश्चात् उत्तरा फाल्गुनी |
| योग (Yoga) | ब्रह्म योग (प्रातः 07:59 बजे तक), तत्पश्चात् इंद्र योग |
| करण (Karana) | विष्टि (भद्रा) प्रातः 11:03 बजे तक, तत्पश्चात् बव करण (रात्रि 10:46 बजे तक), फिर बालव |
| सूर्य राशि | तुला राशि (Tula Rashi) |
| चंद्र राशि | सिंह राशि (Simha Rashi) |
2. सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चंद्रोदय-चंद्रास्त समय
वैदिक ग्रंथों के अनुसार, दिन की लंबाई और ग्रहों की स्थिति का आकलन सूर्योदय से सूर्यास्त के अंतराल के आधार पर किया जाता है। विभिन्न नगरों एवं भौगोलिक क्षेत्रों में अक्षांश एवं देशांतर के अंतर के कारण इसमें कुछ मिनटों का बदलाव संभव है।
| घटना | समय (भारतीय मानक समय – IST) |
|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | प्रातः 06:35 से 06:38 बजे |
| सूर्यास्त (Sunset) | सायंकाल 05:33 से 05:42 बजे |
| चंद्रोदय (Moonrise) | उत्तररात्रि / तड़के (रात्रि के उत्तरार्ध में) |
| चंद्रास्त (Moonset) | अपराह्न 02:45 से 03:15 बजे |
| दिनमान (Day Duration) | लगभग 10 घंटे 58 मिनट |
| रात्रिमान (Night Duration) | लगभग 13 घंटे 02 मिनट |
| ऋतु | हेमंत ऋतु (Autumn/Pre-Winter) |
| अयन | दक्षिणायन (Dakshinayana) |
3. आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शुभ मुहूर्त में शुरू किए गए कार्य में सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। यदि आप आज कोई नया व्यवसाय, अनुबंध, खरीदारी या मांगलिक योजना बना रहे हैं, तो निम्नलिखित शुभ कालों का विशेष ध्यान रखें:
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:50 बजे से प्रातः 05:42 बजे तक (साधना, ध्यान, अध्ययन एवं योग के लिए सर्वोत्तम समय)।
- अभिजीत मुहूर्त: आज अभिजित मुहूर्त का योग नहीं बन रहा है अथवा सीमित अवधि के लिए है (कार्तिक कृष्ण पक्ष में बुधवार के दिन दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतें)।
- अमृत काल: रात्रि 09:05 बजे से रात्रि 10:41 बजे तक (शांति, मंत्र जप व शुभ कार्यों हेतु अनुकूल)।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 01:54 बजे से दोपहर 02:39 बजे तक (कानूनी मामलों, प्रतिस्पर्धा व शत्रु विजय हेतु श्रेष्ठ)।
- गोधूलि मुहूर्त: सायंकाल 05:33 बजे से सायंकाल 05:59 बजे तक (संध्या पूजन व दीपदान हेतु अति उत्तम)।
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:39 बजे से मध्यरात्रि 12:31 बजे तक (तांत्रिक साधना व शिव उपासना हेतु)।
4. आज के अशुभ मुहूर्त एवं राहुकाल (Inauspicious Timings)
शास्त्रों के अनुसार, अशुभ कालों में विशेष रूप से राहुकाल और भद्रा में नए व मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। इस समय की गई यात्राएँ या लेन-देन प्रायः बाधाओं से घिर जाते हैं।
विशेष सावधानी: आज का राहुकाल समय
राहुकाल: दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 01:26 बजे तक (कुछ स्थानों पर 12:15 PM से 01:38 PM)।
नोट: राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार का नया अनुबंध, नया व्यापार प्रारंभ, वाहन क्रय या महत्वपूर्ण यात्रा आरंभ न करें।
- यमगण्ड: प्रातः 07:58 बजे से प्रातः 09:20 बजे तक।
- गुलिक काल: प्रातः 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक।
- भद्रा (विष्टि करण): प्रातः 06:38 बजे से प्रातः 11:03 बजे तक (भद्रा का वास पाताल/स्वर्ग में होने से इसका प्रभाव मध्यम रहेगा, फिर भी मांगलिक कार्य टालें)।
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक।
- वर्ज्यम: दोपहर 11:15 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक।
5. आज का दिशाशूल एवं निवारण उपाय (Disha Shool)
दिशाशूल: आज बुधवार होने के कारण उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। इस दिशा में बिना किसी आवश्यक कार्य के लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए।
निवारण उपाय: यदि उत्तर दिशा में यात्रा करना अत्यंत अपरिहार्य हो, तो प्रस्थान करने से पूर्व घर से थोड़ा सा तिल या धनिया खाकर अथवा दर्पण (शीशा) देखकर निकलें। भगवान श्री गणेश जी का ध्यान करते हुए “ॐ गं गणपतये नमः” का जप करें, इससे यात्रा में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
6. आज का ज्योतिषीय विश्लेषण एवं ग्रह गोचर (Astrological Analysis)
आज 04 नवंबर 2026 को ग्रहों का गोचर अत्यंत दिलचस्प स्थिति निर्मित कर रहा है:
- चंद्रमा का गोचर: चंद्रमा संपूर्ण दिन और रात सिंह राशि में संचार करेंगे। सिंह राशि सूर्यदेव की स्वराशि है, अतः आज जनमानस में आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, स्वाभिमान और प्रशासनिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा।
- नक्षत्र का प्रभाव: पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह ‘शुक्र’ है। यह नक्षत्र कला, सौंदर्य, प्रेम, सामाजिक संबंधों और आरामप्रद जीवन का प्रतीक माना गया है। सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का मेल व्यक्ति को कलात्मक अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता प्रदान करता है।
- योगों का प्रभाव: प्रातःकाल तक रहने वाला ‘ब्रह्म योग’ ज्ञानवर्धक कार्यों, अध्ययन, पठन-पाठन और शोध के लिए विशेष रूप से शुभ है। इसके उपरांत शुरू होने वाला ‘इंद्र योग’ प्रशासनिक मामलों एवं राजकीय कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।
7. आज का 12 राशियों का विस्तृत राशिफल (Daily Horoscope)
चंद्र ग्रह के सिंह राशि में गोचर और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के प्रभाव से सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। आइए जानते हैं आज का राशिफल:
1. मेष राशि (Aries)
पंचम भाव में चंद्रमा का गोचर विद्यार्थियों और बौद्धिक वर्ग के लिए अत्यंत शुभ है। कार्यक्षेत्र में नए विचार सराहे जाएँगे। शेयर बाज़ार या निवेश में जल्दबाज़ी से बचें। संतान पक्ष से प्रसन्नतादायक समाचार मिल सकता है।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9
2. वृषभ राशि (Taurus)
चतुर्थ भाव का चंद्रमा भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि करेगा। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। राहु का प्रभाव करियर में आगे बढ़ने की लालसा बढ़ाएगा। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और संपत्ति संबंधी बातचीत में सतर्कता बरतें|
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6
3. मिथुन राशि (Gemini)
तृतीय भाव में चंद्रमा आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि करेगा। संचार माध्यमों, मीडिया व लेखन से जुड़े जातकों के लिए दिन विशेष लाभदायक है। वक्री शुक्र के कारण गैर-ज़रूरी शौकिया चीज़ों पर खर्च बढ़ सकता है।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
4. कर्क राशि (Cancer)
द्वितीय भाव में चंद्रमा धन व वाणी का कारक बन रहा है। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। कुटुंब में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी। कटु वाणी के प्रयोग से बचें।
शुभ रंग: सिल्वर/सफेद | शुभ अंक: 2
5. सिंह राशि (Leo)
आपकी अपनी राशि में चंद्रमा का संचार आत्म-विश्वास में वृद्धि करेगा। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। अहंकार व अति-उत्साह में किसी से विवाद न करें|
शुभ रंग: केसरिया/गोल्डन | शुभ अंक:
Ashish Sinha
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