धनतेरस 2026: ‘धन, समृद्धि और खुशियों से आपका जीवन सदैव आलोकित रहे’ — पूर्व उप मुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव ने दीं देश-प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ
रायपुर / अंबिकापुर: पावन पर्व धनतेरस के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिभुवनेश्वर सरन सिंह देव (टी. एस. सिंहदेव) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की है।
“धन, समृद्धि और खुशियों से आपका जीवन सदैव आलोकित रहे। माँ लक्ष्मी की कृपा और भगवान धन्वंतरि का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे।
आप सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ।”
टी. एस. सिंहदेव ने अपने संदेश में धन की देवी माँ लक्ष्मी और आयुर्वेद के जनक तथा आरोग्य के देव भगवान धन्वंतरि का विशेष रूप से उल्लेख किया है। भारतीय परंपरा में धनतेरस का त्योहार न केवल भौतिक समृद्धि बल्कि स्वास्थ्य और मानसिक शांति का भी प्रतीक माना जाता है। सिंहदेव का यह संदेश इस बात को रेखांकित करता है कि वास्तविक समृद्धि केवल धन-दौलत तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली ही जीवन की असली पूँजी है।
वरिष्ठ नेता ने अपने संदेश में ‘आलोकित’ शब्द का प्रयोग कर समाज में ज्ञान, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार की भावना को व्यक्त किया है। उनका मानना है कि त्योहार केवल व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और एकजुटता को सुदृढ़ करने के पावन अवसर होते हैं।
‘टी. एस. बाबा’ की जनप्रिय छवि और सांस्कृतिक जुड़ाव
छत्तीसगढ़ की राजनीति में ‘टी. एस. बाबा’ के नाम से लोकप्रिय त्रिभुवनेश्वर सरन सिंह देव सदैव अपनी सहज, सौम्य और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी शैली के लिए जाने जाते हैं। सरगुजा राजपरिवार से संबंध रखने के बावजूद वे आम जनता के साथ गहरे जुड़ाव के लिए पहचाने जाते हैं। धनतेरस, दीवाली और छठ जैसे महापर्वों पर वे निरंतर जनता के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करते रहे हैं।
सिंहदेव ने अपने राजनीतिक जीवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का जिम्मा भी प्रभावी ढंग से संभाला है। ऐसे में धनतेरस के दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि के प्रति उनकी आस्था और जनता के उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना उनके सार्वजनिक जीवन के प्राथमिक मूल्यों को दर्शाती है।
धनतेरस पर्व की महत्ता और जनजीवन में उत्साह
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस का त्योहार पाँच दिवसीय दीपोत्सव का पहला दिन होता है। इस दिन सोना, चाँदी, बर्तन, नए वाहन तथा दीप जलाने का विशेष विधान है। छत्तीसगढ़ के बाजारों में भी इस अवसर पर भारी चहल-पहल देखी जा रही है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और अंबिकापुर जैसे प्रमुख शहरों के बाजार रोशनी से सजे हुए हैं।
जनता के नाम जारी अपने इस संदेश के माध्यम से टी. एस. सिंहदेव ने लोगों से अपील की है कि वे त्योहार की खुशियों को आपस में बाँटें और स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों एवं छोटे व्यापारियों से खरीदारी कर ‘स्थानीय अर्थव्यवस्था’ को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
जन-कल्याण और समृद्धि का संदेश
छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में टी. एस. सिंहदेव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके समर्थकों एवं प्रदेशवासियों ने उनके इस सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं और उन्हें भी धनतेरस तथा आने वाली दीपावली की बधाई प्रेषित की है। सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों ने लिखा कि बाबा साहब की शुभकामनाएँ सदैव क्षेत्र की जनता को नई ऊर्जा और विश्वास प्रदान करती हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम का यह शुभकामना संदेश प्रदेश में सुख-शांति, बंधुत्व और सर्वांगीण समृद्धि की मंगलकामना का प्रतीक है। त्योहारों के इस मौसम में उनका यह संदेश नागरिकों के बीच सकारात्मकता और उत्साह का संचार कर रहा है।













