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सांसदों को डराने के लिए संसद में मार्शल लॉ लगाया गया स्वामीनाथ जायसवाल

सांसदों को डराने के लिए संसद में मार्शल लॉ लगाया गया स्वामीनाथ जयसवाल

नई दिल्ली, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल ने संसद में घटी घटना को अमर्यादित बताते हुए घोर निंदा और बताया कि अगस्त: बुधवार को खत्म हुआ संसद का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहा है। पेगासस और दूसरे मु्द्दों पर हंगामे के चलते काफी कम बहस हुई। बुधवार को संसद में मार्शल भी बुलाए गए थे। इसको लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा है। गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष की करीब 15 पार्टियों ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला है। इस पर इंटक नेता स्वामीनाथ ने कहा कि जिस तरह से मार्शलों ने राज्यसभा को घेरा और विपक्षी नेताओं के साथ बदसलूकी हुई, उससे लगता है कि मार्शल लॉ लग गया है। सदन में ऐसा लगा कि सांसद पाकिस्तान के बॉर्डर पर खड़े हैं
स्वामीनाथ ने कहा, विपक्ष को संसद में अपने विचार रखने का मौका नहीं मिला। महिला सांसदों के खिलाफ कल की घटना लोकतंत्र के खिलाफ थी। ऐसा लगा जैसे हम पाकिस्तान सीमा पर खड़े हैं। हमने कल लोकतंत्र की हत्या होते देखी, राज्यसभा में कल जिस तरह से प्राइवेट लोगों ने मार्शल की ड्रेस में आकर हमारे सांसदों पर हमला करने की कोशिश की। ये मार्शल नहीं थे, संसद में मार्शल लॉ लगाया गया था।

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इंटक नेता स्वामीनाथ ने कहा कि राज्यसभा में विधेयक पारित करने के दौरान जिस तरह मार्शलों को बुलाया गया, वो पहले नहीं देखा गया। ऐसा लगता है कि सरकार सांसदो को डराना चाहती है लेकिन विपक्ष एकजुट है। कांग्रेस पूरे विपक्ष के साथ बैठक करेंगे और तय करेंगे कि आगे क्या करना है। 20 अगस्त को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी बात करेंगी।

स्वामीनाथ ने कहा कि हमारे सांसदों को संसद में बोलने का मौका नहीं दिया यह लोकतंत्र की हत्या है सत्र के दौरान देश की 60 फीसदी लोगों की आवाज को कुचला गया और उन्हें अपमानित किया गया। यही नहीं राज्यसभा में सांसदों को चोट पहुंचाई गई है। राज्यसभा में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई, बाहर से लोगों को बुलाकर सांसदों से मारपीट की गई। कल महिला सांसदों के साथ जो हुआ वह लोकतंत्र के खिलाफ है।
स्वामीनाथ ने कहा कि सांसद सरकार से पेगासस पर बहस करने के लिए कहा लेकिन सरकार ने पेगासस पर बहस करने से मना कर दिया। हमने संसद के बाहर किसानों का मुद्दा उठाया और हम आज मार्च कर रहे हैं क्योंकि हमें संसद के अंदर नहीं बोलने दिया गया। ऐसे में हमारे पास कोई विकल्प नहीं।

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