मल्टी परपस हाई स्कूल अब बनेगा उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय

मल्टी परपस हाई स्कूल अब बनेगा उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय

ब्यूरो चीफ/सरगुजा//  अम्बिकापुर स्थित सरगुजा क्षेत्र का पहला हाई स्कूल तथा वर्तमान में शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नाम से संचालित स्कूल  अब स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय बनेगा। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की घोषणा का अमल करते हुए कलेक्टर  संजीव कुमार झा के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी डॉ संजय कुमार गुहे के द्वारा आवश्यक तैयारी प्रारंभ कर दी गई है।

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जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि वर्तमान बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को राज्य शासन के निर्देशानुसार स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी  माध्यम विद्यालय की तर्ज़ पर उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए स्कूल के बाहरी सरंचना में बिना परिवर्तन किये अध्ययन की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराये जाएंगे।  कक्षाओं के अंदरूनी हिस्से की मरम्मत, रंग-रोगन, फर्नीचर, अत्याधुनिक प्रयोगशाला सहित अन्य सुविधाएं रहेंगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 6 वी से 12 तक छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल का हिंदी माध्यम तथा सीबीएसई बोर्ड का अंग्रेजी माध्यम के कक्षाएं संचलित हो रही है।

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सरगुजा क्षेत्र का यह पहला हाई स्कूल सन 1914 में प्रारंभ हुआ था, तब छात्रों की संख्या 24 थी। शिक्षा का क्षेत्र सीमित होने के कारण मान्यता प्राप्त करने में काफी कठिनाई हुई। वर्तमान शाकीय बहुउद्देश्यीय विद्यालय 1914 से 1955 तक एडवर्ड हाई स्कूल के नाम से जाना जाता रहा। एडवर्ड हाई स्कूल प्रारंभ में इलाहाबाद तदनन्तर नागपुर बोर्ड से सम्बद्ध रहा।यहां के विद्यार्थियों को रायपुर केंद्र से परीक्षा में सम्मिलित होना पडता था। स्कूल का संचालन वर्तमान नगर पालिक  निगम उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में दो मंजिला भवन में संचालित होता था। लेकिन भूकंप से क्षतिग्रस्त होने के कारण वहां से वर्तमान स्थान पर नया भवन बनाया गया।

वर्तमान विद्यालय भवन अंग्रेजी के  E  आकृति में – शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय का वर्तमान भवन अंग्रेजी के   E आकृति में निर्मित है जिसे सरगुजा स्टेट के इंजीनियर  सी.पी. वर्मा की देख-रेख में महाराजा स्व. रामानुज शरण सिंहदेव ने करवाया था। स्कूल का उद्घाटन तत्कालीन युवराज अम्बिकेश्वर शरण सिंहदेव ने 11 नवंबर 1946 को किया। मध्यप्रदेश गठनोपरांत 1955 में शांसन ने मल्टी परपस स्कीम लागू किया तब से इसका नाम शासकीय एडवर्ड बहु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हो गया। यहां के छात्रों की पहचान राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर- इस विद्यालय के छात्र राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर विद्यालय की ख्याति बढ़ाई है। यहां के छात्र अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय के रीजेंट, मगध विश्वविद्यालय बोधगया जे कुलपति, अंतर्राष्ट्रीय कवि, सांसद, वैज्ञानिक, न्यायाधीश, आईपीएस, कोच और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे।