अम्बिकापुर: रियासत कालीन तालाब को बचाने की मुहिम, अवैध समतलीकरण पर निगम का नोटिस – प्रदेश खबर






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अम्बिकापुर: रिंग रोड के प्राचीन तालाब पर भू-माफियाओं का वार, पार्षद शुभम जायसवाल की सजगता से रूका अवैध समतलीकरण
नगर निगम ने ठेकेदार को जारी किया नोटिस, 7 दिनों में मांगा स्पष्टीकरण; तहसीलदार ने भी लगाई रोक

अम्बिकापुर: शहर के रिंग रोड स्थित ऐतिहासिक और रियासत कालीन तालाब के अस्तित्व को मिटाने की भू-माफियाओं की कोशिशों पर फिलहाल प्रशासन ने ब्रेक लगा दिया है। अवैध रूप से किए जा रहे तालाब के समतलीकरण को लेकर नगर निगम अम्बिकापुर ने संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल कार्य रोकने के निर्देश दिए हैं। निगम ने ठेकेदार से 7 दिनों के भीतर इस कृत्य पर स्पष्टीकरण मांगा है।

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गोपनीय तरीके से चल रहा था खेल

मामले का खुलासा करीब 4 दिन पूर्व हुआ, जब निगम पार्षद शुभम जायसवाल ने रिंग बांध के पास हो रहे अवैध पटाव को रंगे हाथों पकड़ा। बताया जा रहा है कि रात के अंधेरे में गोपनीय तरीके से हाइवा और जेसीबी मशीनों की मदद से तालाब में भारी मात्रा में मलबा डाला जा रहा था। यह प्राचीन तालाब लंबे समय से भू-माफियाओं के निशाने पर था, जो धीरे-धीरे मलबे के ढेर से इसे जमीन में तब्दील करने की फिराक में थे। पिछले 4 दिनों में इस अवैध गतिविधि में अचानक तेजी आई थी।

पार्षद की सजगता ने बचाया जल निकाय

पार्षद शुभम जायसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कलेक्टर, तहसीलदार और निगम आयुक्त से संपर्क किया। उन्होंने स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को अवैध गतिविधि के प्रमाण सौंपे और कड़ी कार्यवाही का निवेदन किया। पार्षद ने मांग की है कि केवल काम रोकना काफी नहीं है, बल्कि ठेकेदार और इसमें संलिप्त भू-माफियाओं के विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए।

निगम की स्पष्ट चेतावनी: नगर निगम द्वारा जारी नोटिस से यह साफ हो गया है कि समतलीकरण करने वाले ठेकेदार ने पूर्व में आवेदन दिया था, जिसे निगम ने निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद ठेकेदार ने नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कार्य जारी रखा।

तहसीलदार का सख्त आदेश

इस मामले में प्रशासनिक सक्रियता दिखाते हुए तहसीलदार ने 13 अप्रैल को एक आदेश जारी कर कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि आदेश में पटाव करने वाले व्यक्ति को भूमि का स्वामी बताया गया है, लेकिन स्थल निरीक्षण के दौरान उस क्षेत्र को ‘जलयुक्त’ (Water Body) पाए जाने पर तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि जल क्षेत्र का समतलीकरण गैर-कानूनी है। संबंधित पक्ष को 20 अप्रैल को न्यायालय में प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया गया है।

विशेष रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क
संपादक: आशीष सिन्हा | सरगुजा, छत्तीसगढ़
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