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बच्चों में लेखन कौशल और रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करने की पहल

बच्चों में लेखन कौशल और रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करने की पहल
प्रत्येक स्कूल में बच्चों द्वारा तैयार की जाएगी हस्तपुस्तिका

स्कूल से संकुल, विकासखंड एवं जिला स्तर पर होगी प्रतियोगिता

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रायपुर, 26 सितंबर 2021 बच्चों के लेखन कौशल में सुधार लाने एवं रचनात्मक लेखन कौशल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर प्रत्येक विद्यार्थी की सक्रिय सहभागिता से एक हस्तपुस्तिका का निर्माण कर शाला से संकुल स्तर, विकासखंड एवं जिला स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तर पर चयनित 28 हस्तपुस्तिकाओं की प्रदर्शनी राज्य स्तर पर लगायी जाएगी।
प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा ने हस्तपुस्तिका एवं प्रोजेक्ट कार्य तैयार करने के संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य डाइट और जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा को निर्देश जारी किए है। निर्देश में कहा गया है कि राज्य में इस वर्ष पढ़ई तुंहर दुआर 2.0 के अंतर्गत प्रत्येक स्कूल में कम से कम एक हस्तपुस्तिका को बच्चों द्वारा स्वयं अपने हाथों से कोरे कागजों में लिखकर, स्टेपल कर, एक हस्तपुस्तिका का रूप देकर तैयार किया जाएगा। इन हस्तपुस्तिकाओं को संकुल से लेकर जिला स्तर तक आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा। जिलों में चयनित हस्तपुस्तिकाओं और बेस्ट परियोजनाओं को राज्य स्तर पर प्रदर्शनी में रखा जाएगा।
संबंधित अधिकारियों को प्राथमिक स्तर से लेकर हायर सेकेण्डरी स्तर तक बच्चों के लिए हस्तपुस्तिकाएं तैयार करने और विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए सुझाव भी दिए गए है। बच्चों के लेखन कार्य में पर्याप्त अभ्यास के लिए अभ्यास पुस्तिकाओं पर कार्य, कर्सिव लेखन पुस्तिकाओं पर कार्य, रचनात्मक लेखन के लिए उपलब्ध अभ्यास पुस्तिकाओं पर कार्य करते हुए सभी अभ्यास पुस्तिकाओं पर लेखन कार्य पूरा करवाया जाए। बच्चों को उनके कार्यों के आधार पर फीडबैक दिया जाए। इसी प्रकार हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्तर पर जीवन कौशल पर आधारित पुस्तकों पर अभ्यास कार्यों को शिक्षकों की देख-रेख में पूरा करवाएं और मार्गदर्शन भी दे। अधिकारियों से कहा गया है कि यह ध्यान रखा जाए कि इनमें से अधिकांश कार्यों को समय-सीमा निर्धारित कर विद्यार्थियों से उनके घर पर रहते हुए करवाया जाए। बच्चों के लेखन कौशल में सुधार लाने के लिए प्रतिदिन पर्याप्त अभ्यास करवाया जाए।
प्राथमिक स्तर पर लिखित कौशल के विकास के लिए स्कूलों में वितरित विभिन्न अभ्यास पुस्तिकाओं-भाषा, गणित एवं कर्सिव लेखन में कार्य करने के साथ-साथ कक्षा चौथी और पांचवी के बच्चों को रचनात्मक लेखन विकास से संबंधित अभ्यास पुस्तिका पर कार्य पूरा करवाया जाए। सभी स्कूलों में प्रत्येक बच्चे की सहभागिता से उन्हें एक-एक कागज देकर उनसे लिखवाकर, प्रत्येक प्राथमिक शाला दो-दो हस्तपुस्तिका तैयार करें। एक हस्तपुस्तिका कक्षा पहली से तीसरी के बच्चों द्वारा और दूसरी हस्तपुस्तिका कक्षा चौथी और पांचवी के बच्चों के द्वारा तैयार कर स्टेपल कर एक पुस्तक के रूप में तैयार की जाए।
उच्च प्राथमिक स्तर पर सृजनात्मक लेखन कौशल विकास की दिशा में भी विशेष ध्यान दिया जाए। प्राथमिक कक्षा के लिए उपलब्ध सृजनात्मक लेखन की सामग्री में दिए विभिन्न लेखन गतिविधियों पर भी अभ्यास कार्य करवाया जाए। जिन स्कूलों में बच्चों के लिए निखार सामग्री दी गई है, वहां निखार की हिन्दी एवं अंग्रेजी की अभ्यास पुस्तिाकओं पर भी शिक्षकों की देख-रेख में कार्य करवाया जाए। प्रत्येक शाला स्तर पर एक-एक हस्तपुस्तिका तैयार करें। जिसमें बच्चों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर आलेख लिखकर उन्हें स्टेपल कर प्रतियोगिता में शामिल करने भेजा जाए।
हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्तर पर बच्चों में हिन्दी एवं अंग्रेजी में लेखन कौशल विकसित करने के लिए विद्यालय में हस्तपुस्तिका तैयार कर उसका प्रदर्शन किए जाने के लिए सुझाव दिया जाए। स्कूल पुस्तकालय का अधिक से अधिक उपयोग किए जाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाए।
विभिन्न स्तरों पर समुदाय की उपस्थिति और निर्णायक की भूमिका में आमंत्रित किया जाए। निर्णायकों में समुदाय, रिटायर शिक्षक, निकट के स्कूल के शिक्षक और पालक आदि को शामिल किया जाए।

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