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ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि का ड्रोन से होगा सर्वे सम्पत्ति मालिक को मिलेगा अधिकार अभिलेख

ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि का ड्रोन से होगा सर्वे
सम्पत्ति मालिक को मिलेगा अधिकार अभिलेख

स्वामित्व योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत दुर्ग, कबीरधाम एवं कोरबा जिले में होगा सर्वे

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रायपुर, 29 सितम्बर 2021ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत सम्पत्ति मालिक का ड्रोन के माध्यम से सर्वे कर सम्पत्ति मालिक को अधिकार अभिलेख प्रदान करने के लिए स्वामित्व योजना का शुभारंभ किया गया है। योजना का राज्य में क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। साथ ही केन्द्रीय पंचायत राज मंत्रालय, राज्य पंचायती राज विभाग छत्तीसगढ़, सर्वे ऑफ इंडिया, राज्य सूचना केन्द्र एवं ग्राम पंचायतें परस्पर सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे। योजना के पायलेट चरण में छत्तीसगढ़ के दुर्ग, कबीरधाम एवं कोरबा जिलों को शामिल किया गया है।
छत्तीसगढ़ के भू-अभिलेख आयुक्त ने बताया है कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत संपत्ति मालिकों को ड्रोन के माध्यम से सर्वे का अधिकार अभिलेख प्रदान करने के लिए स्वामित्व योजना प्रारंभ की गई है। देश में योजना के पायलेट चरण के सफलता को देखते हुए, द्वितीय चरण के रूप में अन्य राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य का भी चयन किया गया है, जिसे वित्तीय वर्ष 2024-25 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्राम के चयन उपरांत ग्राम, ग्राम सभा, विशेष ग्राम सभा, मुनादी, लाउडस्पीकर और टेलीविजन इत्यादि के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ड्रोन सर्वे के एक दिवस पूर्व, राजस्व एवं पंचायत विभाग के कर्मचारियों द्वारा चूना मार्किंग किया जाएगा। ड्रोन सर्वे का कार्य सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से किया जाएगा। सर्वे के दौरान पंचायतों के सरपंच, सम्पत्ति मालिक, पुलिस कर्मचारी आदि उपस्थित रहेंगे। ड्रोन सर्वे के बाद सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त नक्शे का राजस्व एवं पंचायत विभाग के अमले द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया जावेगा। सत्यापन उपरांत नक्शे का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा, जिसमें सम्पत्तिधारकों से दावा आपत्ति आमंत्रित की जाएगी। आपत्ति और विवाद का निपटारा तहसील, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा कलेक्टर स्तर पर किया जावेगा। आपत्तियों के निराकरण के बाद अधिकार अभिलेख का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा और संबंधितों को अधिकार अभिलेख का वितरण किया जावेगा।
स्वामित्व योजना से सम्पत्ति मालिक को सम्पत्ति का प्रमाण पत्र एवं भू-स्वामित्व प्राप्त होगा। ड्रोन सर्वे से अभिलेख निर्माण में शुद्धता आएगी। सम्पत्ति मालिक को प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाने से बैंक से ऋण लेना आसान हो जाएगा। सम्पत्ति का क्रय एवं विक्रय हस्तांतरण आसानी से हो सकेगा। सर्वेक्षण के पूर्व चूना मार्किंग होने से निर्मित अभिलेख से सम्पत्ति विवाद कम होंगे।
इसी तरह से ग्राम पंचायत सम्पत्ति रजिस्टर के तैयार होेने से ग्राम पंचायत की अपनी स्थायी व्यवस्था होगी। ग्राम पंचायतों को बेहतर विकास की योजना बनाने में मदद मिलेगा। प्रत्येक सम्पत्ति की सीमा एवं क्षेत्रफल, सुनिश्चित होे जाने से सम्पत्ति विवाद में कमी आएगी। ग्राम पंचायत की सम्पत्ति शासकीय और सार्वजनिक सम्पत्ति की सीमा एवं क्षेत्रफल सुनिश्चित होने से उसका रखरखाव अच्छे से हो सकेगा और संबंधित सीमा विवादों में कमी आयेगी।

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