धर्म

31 दिसम्बर 2021–आज का शुभ मुहूर्त जो आपके बिगडे काम बनाये।

31दिसम्बर –दिसम्बर-मुहूर्त जो काम बनाये।

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कौनसा कार्य,किस समय, किस राशिवाले करे ?(भारत एवं विश्व के प्रमुख नगरो के लिए )- अर्धशती से ज्योतिष जगत के पुंज ,मुहूर्त मार्तंड मूर्धन्य मनीषी पंडित विजेंद्र तिवारी द्वारा द्वारा –

मुहूर्त का उपयोग क्यो करे ?

किसी भी कार्य के अपेक्षित परिणाम के लिए ,सर्वोत्तम अनुकूल समय का ही निर्विवाद महत्व है ।कोई भी कार्य शुभ समय किया जाना ही ओचित्य पूर्ण होता है।इसलिए ज्योतिष के सूत्रों पर आधारित शुभ समय में कार्य विशेष किया जाना परामर्शद एवं बुद्धिमत्ता है।

1-भारत ही नहीं अपितु विश्व के प्रमुख नगरो में ,किसी कार्य को करने के लिए कौनसा समय शुभ रहेगा।
2–कोई भी शुभ योग या मुहूर्त सभी कार्यों या समस्त राशियों के लिए नहीं होता है ।इस लेख में कोई मुहूर्त किस राशी के लिए उपयोगी या शुभ नहीं है का स्पष्ट उल्लेख है जो मुहूर्त को दुर्लभ एवं अमूल्य उपयोगी बनाता है।

मुहूर्त गणना आधार –

सुप्रसिद्ध मुहूर्त ग्रन्थ ,मुहूर्त चिंतामणि एवं आचार्य वराहमिहिर के सूत्र के अनुसार प्रस्तुत-

संदर्भ-
ज्योतिष के सुप्रसिद्ध ग्रन्थ –“मुहूर्त चिंतामणि “के सूत्रों से निर्मित – राहू काल,गुलिक काल या पंचक, अशुभ चौघडिया आदि हजारो दोष से मुक्त मुहूर्त ।
निम्न मुहूर्त किस कार्य एवं किस राशी के लिए किस समय कार्य प्रारंभ शुभ ?-

आज प्रारंभ किये जाने वाले कार्य के शुभ – समय- “वराहमिहिर-सूत्र”
Time-9:36 – 10:12 ; 14:36 – 15:12,;
16:48 – 17:12;

मुहूर्त – कार्य प्रारंभ शुभ :–

-10:38 -19:00बजे तक यज्ञ,हवन –आहुति केतु ग्रह विशेष उपयोगी ,सम्पत्ति क्रय ।
-10.37 शांति कर्म,अनुष्ठान,शल्य क्रिया,औषधि,नाम करण, कृषि,आर्थिक,नए वस्त्र ,आभूषण प्रयोग ,ज्वाइन,apply,स्कूल प्रवेश,पुनर्विवाह ।

राशियों के एवं कार्य के लिए शुभ उपयोगी समय ।

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– 1- 10:14-11:10 बजे तक -कुंभ स्थिर कार्य कार्य कर सकते हैं (लग्न एवं होरा-कार्य) –
आज किये जाने वाले कार्य –
व्यापार, कृषि, जल-यात्रा,भूमि,Project,नए नियम,शिलान्यास,जनहित कार्य।
उक्त उल्लेखित समय (मुहूर्त,शुभ समय) कर्क राशी के लिए वर्जित है।,शेष सभी राशियों के लिए उपयुक्त।
2-BY 11:34-12:24-मीन लग्न एवं होरा-अस्थिर +स्थिरकार्य
-तिलक वस्त्र अलंकार -बनवाना धारण करना एवं मंगल,शुभ कार्य ।
उक्त उल्लेखित समय (मुहूर्त,शुभ समय) सिंह,राशी के लिए वर्जित है।सभी राशि के लिए उपयुक्त।
3- 13:08-14:21 -मेष लग्न एवं होरा-अस्थिर प्रकृति कार्य बजे तक :
कार्य सूचि -यात्रा,एग्रीमेंट, नए वस्त्र आभूषण, जमीन खोदना ,
जोखिम के कार्य, टीका या राज्य तिलक,स्वागत,अभिनंदन।
उक्त उल्लेखित समय (मुहूर्त,शुभ समय) कन्या,वृष,मकर ,मेष कुम्भ,कन्या राशि छोड़ कर,शेषसभी राशियों के लिए उपयुक्त।
3-16:51:18:13 बजे तक :मिथुन अस्थिर एवं स्थिर कार्य कर सकते हैं – (लग्न एवं होरा-कार्य)-कार्य)-विज्ञान ,विवाद ,शिल्प, कला ,शुभ कार्य राज्य अभिषेक।
यह मुहूर्त वृष,कर्क एवं वृश्चिक राशी के लिए वर्जित है।शेष समस्त राशियों के लिए शुभ है।
4- 19:01-20-47 कर्क-अस्थिर प्रकृति कार्य लग्न एवं होरा-:
जलाशय ,निर्माण प्रतिष्ठा ,शांति कार्य, चित्रकला, लेखन। cv बनाना।
उक्त उल्लेखित समय (मुहूर्त,शुभ समय) सिंह एवं धनु राशि हेतु वर्जित शेष सभी राशियों के लिए उपयुक्त।
5-21:21-23:01-सिंहस्थिर कार्य लग्न एवं होरा-
कार्य- ज्वाइन,एप्लाई,इटरव्यू,वस्तु क्रय विक्रय,शापिंग , दुकान, कर्यलें,सेवा-कार्य,, आभूषणनिर्माण, अन्गल कार्य,उत्सव,अनुष्ठान , रस ,Juice, गन्ना ।
उक्त उल्लेखित समय (मुहूर्त,शुभ समय) मकर राशी के लिए वर्जित है।,शेषसभी राशियों के लिए उपयुक्त|
6-23:39-01:14 बजे तक :कन्या लग्न एवं होरा-अस्थिर एवं स्थिर कार्य
ज्ञान, विद्यारंभ, आभूषण बनवाना, समस्त औषधि निर्माण शिक्षा समस्त मंगल कार्य।
उक्त उल्लेखित समय (मुहूर्त,शुभ समय) मिथुन,तुला कुम्भ राशि छोड़ कर,शेष सभी राशियों के लिए उपयुक्त|
7- 01:41-03:16-अस्थिर प्रकृति के कार्य –( तुला लग्न एवं होरा)-
कृषि यात्रा व्यापार मंगल कार्य यज्ञोपवीत पशुपालन पीतल की धातु से संबंधित।
मीन, राशी के लिए वर्जित है।शेषसभी राशियों के लिए उपयुक्त।
व्रत- नहीं।
-पंचक नहीं – केवल 05 कार्य वर्जित ,अन्य समस्त कार्य नक्षत्र के अनुसार शुभ –
1दाह संस्कार,2छप्पर डालना,3दक्षिण दिशा यात्रा 4लकड़ी घास
भूसा एकत्र,5पलंग या चारपाई बुनना ये पांच कर्म ही वर्जित (ज्योतिष ग्रंथो में उल्लेखित )है ।
भद्रा –
( भद्रा सदैव अशुभ नहीं होती है ।)
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
(दुर्गा पूजा श्रेष्ठ भद्रा काल,स्वर्ग भद्रा – आर्थिक , कृषि एवं अनाज सम्बंधित कार्यों के लिए ,
पाताळ भद्रा धन से सम्बंधित कार्य सफल ,मृत्यु लोक या भूमि की भद्रा सभी कार्यों में असफलता देती है ।होली एवं रक्षाबंधन में विशेष वर्जित भद्रा काल ।)शेष समस्त कार्य किये जासकते है ।)
निर्विघ्न यात्रा सम्पन्न हो -प्रस्थान पूर्व , मंत्र-
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
घर से प्रस्थान पूर्व-(Before Step out )
-*नासिका के दाहिने या वाएं जिस और से स्वास चल रही हो उस ओर का पैर पहले द्वार से बाहर निकाले ।

Pradesh Khabar

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