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मुख्यमंत्री ने गांधीग्राम में मशरूम उत्पादन व लाख प्रसंस्करण प्रशिक्षण का किया अवलोकन

रायपुर : मुख्यमंत्री ने गांधीग्राम में मशरूम उत्पादन व लाख प्रसंस्करण प्रशिक्षण का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री को महिलाओं ने बताया मशरूम से 3 महीने में कमाए 14 हजार

पहले रायपुर से आते थे मशरूम के बीज, अब स्पॉन यूनिट में बीज हो रहे तैयार,ऑयस्टर के साथ ही दूधिया मशरूम से बारहों महीने होगा उत्पादन

लाख को मिला है छत्तीसगढ़ में खेती का दर्जा, लाख प्रसंस्करण का प्रशिक्षण ले महिलाएं होंगी सशक्त

मुख्यमंत्री ने आज कांकेर जिले के ग्राम कुलगाँव में गांधी ग्राम का लोकार्पण किया। गांधीग्राम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा मशरूम उत्पादन व लाख प्रसंस्करण प्रशिक्षण इकाई का अवलोकन किया। मशरूम उत्पादन इकाई में मुख्यमंत्री ने लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से उनकी आय और उत्पादन के सम्बंध में जानकारी ली। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो 200 रुपये प्रति किलो की दर से मशरूम बेच रही हैं और 3 महीने में 14 हजार की कमाई कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि पहले यहां रायपुर से मशरूम के बीज आते थे, अब स्पॉन यूनिट में यहीं बीज तैयार हो रहे हैं। यहां ऑयस्टर मशरुम के साथ ही दूधिया मशरूम का भी उत्पादन किया जा रहा है। ऑयस्टर मशरूम उत्पादन के सीज़न के बाद महिलाएं बाकी महीनों में दूधिया मशरूम उत्पादन कर रही हैं। इससे उन्हें बारहों महीने रोजगार मिल रहा है। लक्ष्मी स्व सहायता समूह में 12 महिलाएं मशरूम उत्पादन का कार्य कर रही हैं।

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मुख्यमंत्री ने लाख प्रसंस्करण प्रशिक्षण इकाई का भी अवलोकन किया। उन्होंने लाख प्रसंस्करण का प्रशिक्षण ले रही जय माँ दुर्गा स्व सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने प्रोसेसिंग के लिए क्रशर में रखे कच्चे लाख को देखा। उन्होंने प्रशिक्षण ले रही महिलाओं को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लाख को मिला खेती का दर्जा दिया गया है।लाख प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण की ओर अग्रसर होंगी। लाख प्रसंस्करण की ट्रेनिंग से महिलाएं कच्चे लाख से दाना लाख तैयार कर पाएंगी। इस प्रसंस्कृत लाख को सेल लाख उद्योग, बटन लाख उद्योग, पेंट और वार्निश निर्माण उद्योगों में बेचा जा सकेगा। लाख से रंग बिरंगी चूड़ियों का भी निर्माण किया जाता है।

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