तकनीकी संस्थानों के छात्रों में रूचि, रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिये बनेंगे ‘मॉडल छात्र क्लब’

तकनीकी संस्थानों के छात्रों में रूचि, रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिये बनेंगे ‘मॉडल छात्र क्लब’

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नयी दिल्ली,02 सितंबर/ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) देश के तकनीकी शिक्षा संस्थानों के छात्रों में रूचि, रचनात्मकता एवं नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने की योजना (स्पाइसेज) के तहत ‘छात्र क्लबों’ को ‘मॉडल क्लब’ के रूप में विकसित करेगी ।

इसके तहत विविध प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से छात्रों के पाठ्येत्तर कार्यों, रुचियों, कल्पनाशक्ति, नवाचार, एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जायेगा।

परिषद के एक अधिकारी ने ‘भाषा’ को बताया कि इसके तहत एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान से एक मौजूदा छात्र क्लब को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिये ऑनलाइन प्रस्ताव मांगा गया है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत छात्र क्लबों को मॉडल क्लब में विकसित करने के लिये एक लाख रूपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी । संस्थान इसके लिये 30 सितंबर 2022 तक आवेदन कर सकते हैं।

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एआईसीटीई ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये छात्र क्लबों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसी वर्ष छात्रों में रूचि, रचनात्मकता एवं नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने की योजना (स्पाइसेज) बनायी थी ।

योजना के तहत सहायता प्राप्त करने वाले छात्र क्लबों को संस्थान के अन्य क्लबों के लिये मॉडल के रूप में काम करना चाहिए ।

योजना के मसौदे के अनुसार, इसके तहत एआईसीटीई ऐसे संस्थानों के प्रस्तावों को मंजूरी देगी जिनकी स्थापना के कम से कम पांच वर्ष पूरे हो गए हों । एक संस्थान से क्लब के लिये एक प्रस्ताव को स्वीकार किया जायेगा जिनमें कम से कम 50 छात्र सदस्य हों । संस्थान को भी क्लब के लिये एक लाख रूपये का योगदान देना होगा ।

इसमें कहा गया है कि क्लब का अपना वेबपेज होना चाहिए जिसमें उसकी विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई हो । इस उद्देश्य के लिये एक संयोजक बनाया जायेगा जो पूर्णकालिक शिक्षक होगा और उसे कम से कम 10 वर्षों का शिक्षण अनुभव होना चाहिए।