महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा ग्रामीण आजीविका केंद्र

अम्बिकापुर : महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा ग्रामीण आजीविका केंद्र

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ग्रामीण एवं उत्साही युवाओं को उद्यम स्थापित करने मिलेगा अवसर

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गोठानों को आजीविका केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क या ग्रामीण आजीविका पार्क शुरू किए जाएंगे। प्रथम चरण में प्रत्येक विकासखण्ड में 2-2 गोठान चिन्हांकित कर पार्क स्थापित किये जायेंगे। योजना अंतर्गत गोठान को केंद्र बिंदु रख कर स्थानीय, शासकीय एवं अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने तथा बाजार के संभावनाओं के आधार पर ग्रामीण उत्पादन एवं सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रामीण औद्योगिक पार्क में उद्यम स्थापित करने हेतु ग्रामीण युवाओं को अवसर मिलेगा। महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का राज्य स्तरीय वर्चुअल उद्घाटन एवं स्थानीय स्तर पर भूमिपूजन 2 अक्टूबर 2022 को प्रस्तावित है।
ग्रामीण आजीविका पार्क में ग्रामीणों के आजीविका संवर्धन हेतु शासन की ओर से मूलभूत सुविधाएं मार्केटिंग सपोर्ट प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन इत्यादि उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें उद्यम स्थापित करने के इच्छुक स्थानीय युवाओं एवं स्व सहायता समूहों को चिन्हांकित किया जाएगा। उद्यमियों को बिजनेस प्लान के आधार पर मशीनरी तथा कार्यशील पूंजी हेतु बैंक से ऋण, विभिन्न योजनाओं अंतर्गत पात्रतानुसार अनुदान या सब्सिडी अथवा योजना अंतर्गत शून्य ब्याज दर पर ऋण लेने की सुविधा उपलब्ध होगी। गोठानों में रीपा स्थापना हेतु चिन्हांकित क्षेत्र में अलग-अलग यूनिट की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक रीपा हेतु अधिकतम राशि 2 करोड़ स्वीकृत किया जा सकता है। रीपा हेतु प्रदत्त राशि से न्यूनतम 3 एकड़ क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। रीपा के क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर कलेक्टर एवं विकासखंड स्तर पर जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिम्मेदार होंगे। योजना क्रियान्वयन एवं समन्वय हेतु विभिन्न समितियां कार्य करेंगी। रीपा अंतर्गत उत्पादित उत्पादों की मार्केटिंग पूरे प्रदेश के लिए एक ब्रांड के तहत की जाएगी। महात्मा गांधी नरेगा की तर्ज पर प्रत्येक रीपा उद्यमी को पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा।