बीते महीने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय वृद्धि, कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की प्रशंसा की

दुर्ग : बीते महीने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय वृद्धि, कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की प्रशंसा की

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राजस्व प्रकरणों के निराकरण में इसी तरह कार्य जारी रखें- कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा

कलेक्टर ने गौठानों में आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में भी समीक्षा की

रीपा पर हो रहे कार्यों की जानकारी ली

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कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने आज समीक्षा बैठक में शासन की फ्लैगशिप स्कीम के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा की। लेक्टर ने सबसे पहले राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। इस पर अच्छा काम हुआ है। सीमांकन, नामांतरण आदि के अनेक प्रकरण समय सीमा पर निराकृत हो गए, इससे कलेक्टर ने खुशी जाहिर की और विभागीय अधिकारियों को इसी तरह तेजी से कार्य करने कहा।
कलेक्टर ने इसके बाद गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। उन्होंने गोबर से वर्मी कंपोस्ट कन्वर्शन आदि के आंकड़ों के बारे में पूछा। कलेक्टर ने कहा कि यह सर्वाेच्च प्राथमिकता वाली योजना है इसमें सभी गौठानों में अच्छी स्थिति होनी चाहिए और जनपद सीईओ यह सुनिश्चित करें कि हर गौठान में योजना का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो और अधिकतम हितग्राहियों को इसका लाभ हो। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अश्विनी देवांगन, दुर्ग निगम आयुक्त श्री लक्ष्मण तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
वैज्ञानिक तरीके से लक्ष्य बनाएं और इसे प्राप्त करें- कलेक्टर ने कहा कि गौठानों में आजीविकामूलक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनसे अधिकतम लाभ हम तब प्राप्त कर सकते हैं जब साइंटिफिक तरीके से अपना कार्य करें। उदाहरण मछली पालन को लें, मछली पालन में हमें देखना है कि हम कितना बीज डालते हैं और इससे कितनी प्राप्ति होती है। प्राइवेट फार्म्स में जहां मछलीपालन हो रहा है इस प्राप्ति का प्रतिशत क्या है और अमूमन आमतौर पर लक्ष्य के विरुद्ध कितनी प्राप्ति होती है। गौठानों में डबरियों में मत्स्यपालन विभाग के अधिकारी इसका नियमित प्रशिक्षण दें। उन्होंने कहा कि इसी तरह से बाड़ी में भी हमने तकनीकी चयन के आधार पर यहां सब्जी तय की है जिससे हम उत्पादन की संभावना को करीब से आंक पाने में सक्षम हैं। उन्होंने बायोफ्लाक के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि गौठान में मुर्गीपालन, मशरूम पालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ाएं। शहरी क्षेत्र में मशरूम की बड़ी डिमांड होती है। इसका वृहत उत्पादन करें तो आय की बड़ी संभावनाएं तैयार होंगी। उन्होंने कहा कि गौठानों में समूहों के माध्यम से दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके लिए चयनित गौठानों में अच्छी नस्ल की दस गायें उपलब्ध कराएं। अधिकारियों ने बताया कि इस पर लगातार काम चल रहा है।
रीपा की स्थिति जानी- कलेक्टर ने ग्रामीण औद्योगिक पार्क के बारे में अब तक हुई प्रगति की बारे में पूछा। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए अधोसंरचना निर्माण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। कलेक्टर ने इसके लिए उद्यमियों का चयन करने एवं पिछली बैठकों में दिये गये निर्देशों के पालन की स्थिति की जानकारी भी ली। कलेक्टर ने कहा कि रीपा सबसे अहम योजना है। यहां हम उद्यमियों को शेड देंगे तथा अन्य प्रकार की सुविधाएं देंगे, यहां उत्पादों का चिन्हांकन भी स्थानीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप किया गया है और गौठान में उत्पादित वस्तुओं की तुलना में यहां उत्पादित वस्तुएं विशिष्ट हैं। इस पर तेजी से कार्य करें ताकि अधोसंरचना का काम पूरा होते ही पार्क आरंभ किया जा सके।
हाटबाजार में जाकर करें मानिटरिंग, आवश्यक दवा उपलब्ध रहें, टेस्ट भी होते रहें- कलेक्टर ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से हो रहे इलाज की स्थिति की जानकारी ली। सीएमएचओ ने कहा कि अभी फुटफाल बढ़ गया है। कलेक्टर ने कहा कि सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखें, साथ ही यह भी देखें कि यहां आ रहे हितग्राहियों के टेस्ट हो रहे हैं या नहीं। इसके लिए एसडीएम और आयुक्त नियमित रूप से विजिट करते रहें।
धान खरीदी की समीक्षा भी की- कलेक्टर ने धान उठाव, बारदानों आदि की स्थिति की समीक्षा भी की। खाद्य अधिकारी ने बताया कि बारदाने पर्याप्त मात्रा में हैं और धान का निरंतर उठाव किया जा रहा है।