प्रवर्तन निदेशालय ने दो खनिज अफसर को किया गिरफ्तार, ली दो दिन की रिमांड

रायपुर ।  छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय ने फिर से कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार के दो खनिज अधिकारियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

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ईडी के अधिकारियों ने इन दोनों अधिकारियों से पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी। अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

मनी लांड्रिंग मामले में ईडी ने अबतक 8 आरोपियों जिनमे कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया,आईएएस समीर विश्नोई, सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी और दीपेश टांक  को गिरफ्तार कर लिया है।

इस बार ईडी ने जिला खनिज अधिकारी शिव शंकर नाग को गिरफ्तार किया है। नाग अभी कोरबा में खनिज विभाग के उप संचालक हैं। इससे पहले वे रायगढ़ में खनिज अधिकारी रहे हैं।

नाग को जगदलपुर स्थित घर से गिरफ्तार किया गया। उनके साथ सूरजपुर के सहायक खनिज अधिकारी संदीप नायक को भी गिरफ्तार किया गया है।

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विशेष न्यायाधीश अजय प्रताप सिंह राजपूत के छुट्टी पर होने के कारण एडीजे वंदना दीपक देवांगन की कोर्ट में पेश किया गया।

ईडी का आरोप है कि राज्य सरकार के अफसरों, कुछ नेताओं-कारोबारियों के मिलीभगत से कोयला परिवहन में अवैध लेवी वसूली का कारोबार चल रहा है। ये लोग प्रत्येक टन कोयला परिवहन के पीछे 25 रुपए की दर से लेवी वसूलते थे।

ईडी ने आरोपियों से जुड़ी संपत्तियां अटैच कर ली हैं। अटैच की गई इन संपत्तियों में से सबसे अधिक 65 संपत्तियां कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी हुई हैं। सौम्या चौरसिया से जुड़ी 21 संपत्तियां और निलंबित आईएएस समीर विश्नोई से जुड़ी पांच संपत्तियां भी अटैच की गई हैं। शेष संपत्तियां सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी से जुड़ी हुई हैं। इन संपत्तियों में कैश, आभूषण, फ्लैट, कोलवाशरी और भूखंड शामिल हैं।