
Shiv Sena Crisis: संजय राउत का दावा—शिंदे के 35 विधायक टूटने वाले, महायुति में घमासान तेज
महाराष्ट्र में महायुति सरकार पर संकट के संकेत। शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे के 35 विधायक जल्द ही अलग होंगे। राउत ने BJP और शिंदे गुट के बीच बढ़ती चुनावी स्पर्धा को लेकर भी निशाना साधा।
संजय राउत का दावा—‘शिंदे के 35 विधायक टूटेंगे’, महायुति में खामोश जंग शुरू
महाराष्ट्र में शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले राजनीति में हलचल तेज है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) गुट के सांसद संजय राउत एक बार फिर राजनीतिक मंच पर लौटे हैं और उन्होंने आते ही बड़ा दावा कर हड़कंप मचा दिया है।
राउत ने कहा—
“शिंदे के 35 विधायक पार्टी छोड़ने वाले हैं। यह स्पर्धा सत्ता पक्ष vs विपक्ष की नहीं, बल्कि BJP vs शिंदे गुट की हो चुकी है।”
‘हम शिंदे की पार्टी को शिवसेना मानते ही नहीं’ – राउत का हमला
जब संजय राउत से पूछा गया कि क्या शिंदे शिवसेना और बीजेपी में चुनावी स्पर्धा दिखाई दे रही है, उन्होंने तीखे अंदाज में कहा—
- “हम शिंदे की पार्टी को शिवसेना मानने को तैयार नहीं हैं।”
- “शिंदे सोचते हैं कि दिल्ली के दो नेता उनके साथ हैं, पर वे किसी के नहीं हैं।”
राउत ने आरोप लगाया कि
“BJP प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की नियुक्ति इसी काम के लिए की गई है।”
चुनाव से ठीक पहले ‘लक्ष्मी दर्शन’ बयान पर निशाना
राउत ने यह भी कहा कि
- “मंत्री कहते हैं कि 1 तारीख को ‘लक्ष्मी दर्शन’ होगा। चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि अब नगरपालिका/नगर पंचायत चुनावों में 10–15 करोड़ रुपये का बजट,
5–6 हेलिकॉप्टर, और भारी पैसों की राजनीति हो रही है।
महाराष्ट्र में महायुति में विवाद गहराया
BJP प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा था कि
“हमें 2 दिसंबर तक महायुति को बचाए रखना है।”
यह बयान स्पष्ट इशारा है कि गठबंधन के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है।
इसी बयान को आगे बढ़ाते हुए राउत ने दावा किया—
- “चव्हाण को BJP ने इसलिए प्रदेशाध्यक्ष बनाया है।”
- “शिंदे गुट के MLA जल्द ही अलग हो जाएंगे।”
बीमारी से लौटे राउत का राजनीतिक ‘कमबैक’
करीब एक महीने तक स्वास्थ्य कारणों से राजनीति से दूरी बनाए रखने के बाद
संजय राउत पहली बार मीडिया के सामने आए और आते ही लगातार
BJP और शिंदे गुट पर हमलावर दिखाई दिए।
निकाय चुनाव में मुकाबला: BJP vs Shinde Sena
महाराष्ट्र के नगरपालिका/नगर पंचायत चुनावों में
मुकाबला अब सत्ता पक्ष vs विपक्ष नहीं, बल्कि BJP vs शिंदे शिवसेना बन गया है।
कई सीटों पर दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार रही हैं,
जिससे माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है।












