
टीएस सिंहदेव का मोदी सरकार पर बड़ा आरोप, विदेश नीति पर उठे सवाल
टीएस सिंहदेव ने मोदी सरकार की विदेश नीति को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इससे भारत की वैश्विक साख और ऊर्जा सुरक्षा कमजोर हुई है।
टीएस सिंहदेव का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले- विदेश नीति से कमजोर हुई भारत की साख
नई दिल्ली।छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता T. S. Singh Deo ने केंद्र की विदेश नीति को लेकर Narendra Modi सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की “समर्पणवादी और रणनीतिक रूप से समझौता करने वाली” विदेश नीति ने भारत की दशकों में बनी वैश्विक साख को कमजोर किया है और वर्तमान पेट्रोलियम संकट को भी बढ़ावा दिया है।
सिंहदेव ने कहा कि वर्ष 2019 में अमेरिका के दबाव में Iran से तेल आयात बंद करना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा झटका था। इसके बाद चाबहार पोर्ट परियोजना की गति भी धीमी पड़ गई, जिससे क्षेत्रीय रणनीतिक बढ़त प्रभावित हुई।
उन्होंने 2020 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी चुनाव के दौरान Donald Trump के साथ मंच साझा करना भारत की स्वतंत्र कूटनीति के खिलाफ था। वहीं, रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भी भारत की स्वतंत्रता सीमित होने का आरोप लगाया।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए सिंहदेव ने कहा कि Gaza में मानवीय संकट और क्षेत्रीय तनाव पर भारत की स्पष्ट और मजबूत प्रतिक्रिया नहीं दिखी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष छवि को नुकसान पहुंचा है।
सिंहदेव के मुताबिक, मौजूदा विदेश नीति के चलते भारत की कूटनीतिक विश्वसनीयता कमजोर हुई है, वैश्विक प्रभाव घटा है और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की क्षमता भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।












