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सरगुजा महाराज स्व. मदनेश्वर शरण सिंहदेव की 96वीं जयंती: कुसमी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय पैकरा ने दी श्रद्धांजलि





स्व. मदनेश्वर शरण सिंहदेव की 96वीं जयंती: कुसमी ब्लॉक कांग्रेस ने किया नमन

सरगुजा के विकास पुरुष स्व. मदनेश्वर शरण सिंहदेव को 96वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि

कुसमी: सरगुजा अंचल के विकास की आधारशिला रखने वाले और प्रशासनिक सेवा में अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले सरगुजा महाराज स्व. मदनेश्वर शरण सिंहदेव की 96वीं जयंती आज 2 जून को अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी, अंबिकापुर द्वारा राजीव भवन में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वहीं, कुसमी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय पैकरा के नेतृत्व में भी महाराज साहब के योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

राजीव भवन में श्रद्धा सुमन

दिन की शुरुआत जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन में स्व. महाराज साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन, उनके द्वारा किए गए सुधारों और सरगुजा के प्रति उनके अगाध प्रेम पर विस्तार से चर्चा की।

स्मृति में विविध कार्यक्रम

श्रद्धांजलि सभा के उपरांत, कार्यक्रम का सिलसिला प्रतीक्षा बस स्टैंड तक बढ़ा, जहाँ स्व. महाराज साहब और राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव की युगल प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस गौरवमयी अवसर के समापन के रूप में माँ महामाया मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आमजन और अनुयायियों ने भाग लिया।

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प्रशासनिक सेवा से जनसेवा का सफर

स्व. मदनेश्वर शरण सिंहदेव का व्यक्तित्व बहुआयामी था। राजपरिवार में जन्म लेने के बावजूद, उन्होंने शासन-प्रशासन के माध्यम से जनसेवा का मार्ग चुना। 1954 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होने के बाद उन्होंने सफलता की कई सीढ़ियाँ चढ़ीं:

  • पदस्थापना: वे कलेक्टर, संभागायुक्त और विभिन्न मंत्रालयों में सचिव के महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
  • मुख्य सचिव: अपनी प्रशासनिक दक्षता के चलते वे संयुक्त मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव के सर्वोच्च पद तक पहुँचे और वहीं से सेवानिवृत्त हुए।
  • योजना आयोग: सेवानिवृत्ति के पश्चात उनके अनुभव का लाभ लेने के लिए उन्हें मध्यप्रदेश योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया।

ऐतिहासिक प्रशासनिक सुधार और ऋण पुस्तिका की देन

महाराज साहब द्वारा किए गए कार्य आज भी छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के राजस्व इतिहास में मील का पत्थर माने जाते हैं:

  • सिंहदेव योजना: उनके नाम पर शुरू हुई ‘सिंहदेव योजना’ ने उन हजारों भूमिहीन परिवारों को जमीन का हक दिलाया, जो लंबे समय से वंचित थे।
  • ऋण पुस्तिका योजना: वर्ष 1971 में राजस्व सचिव रहते हुए उन्होंने ‘ऋण पुस्तिका’ जारी करने की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना प्रस्तुत की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने बताया कि इस योजना से पूर्व भूमि का अंकन एकड़ में होता था, जिसे उन्होंने हेक्टेयर में बदला। दस्तावेजों के एकीकरण ने किसानों को जटिल प्रक्रियाओं से मुक्त किया।

प्रस्तुति: संचार विभाग, जिला कांग्रेस कमेटी, सरगुजा


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