रायपुर ED की बड़ी कार्रवाई: 23.35 करोड़ की संपत्ति अटैच, हाईवे मुआवजा घोटाला उजागर

रायपुर में ED की बड़ी कार्रवाई: 23.35 करोड़ की संपत्ति अटैच, मुआवजा घोटाले का पर्दाफाश 💥

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रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 23.35 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। मामला भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बनाए जा रहे रायपुर–विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे के भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले से जुड़ा हुआ है।

ED ने यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। इस FIR में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप दर्ज किए गए थे।

ED की जांच में सामने आया कि भूमि दलालों, निजी व्यक्तियों और कुछ सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से सुनियोजित तरीके से यह घोटाला अंजाम दिया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार—

भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना (30 जनवरी 2020) के बाद फर्जी तरीके से जमीनों का उपविभाजन (subdivision) किया गया

राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर फर्जी पात्रता तैयार की गई

पात्रता से अधिक मुआवजा राशि स्वीकृत और वितरित कराई गई

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मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनुजा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित किया।

ED की जांच में यह भी सामने आया कि—

जमीन मालिकों के नाम पर कई बैंक खाते खोले गए

मुआवजा राशि उन खातों में जमा करवाई गई

ब्लैंक चेक और बैंक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बड़ी राशि अपने नियंत्रण वाले खातों में ट्रांसफर कर ली गई

वास्तविक भू-स्वामियों को केवल आंशिक भुगतान ही किया गया

जांच में कुल 27.05 करोड़ रुपये की “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” (अवैध कमाई) का खुलासा हुआ है। इसमें से 23.35 करोड़ रुपये की संपत्ति को ट्रेस कर अटैच कर लिया गया है।

इस मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो पहले ही विशेष न्यायालय (PC Act), रायपुर में चार्जशीट दाखिल कर चुका है।

ED अब इस मामले में अन्य आरोपियों, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं, विशेषकर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना कितना जरूरी है। इस तरह की सख्त कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।