ऐतिहासिक यात्रा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्लोवाकिया दौरा
जून 16, 2026
मुख्य समाचार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के दौरान ब्रातिस्लावा में राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह स्लोवाकिया के स्वतंत्रता प्राप्ति (1993) के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है।
वाराणसी और ब्रातिस्लावा का सांस्कृतिक जुड़ाव
यात्रा के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी पूर्णतः भारत के सांस्कृतिक केंद्र ‘वाराणसी’ को समर्पित थी। इसमें स्लोवाकिया के उन कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं, जिन्होंने हाल ही में वाराणसी की यात्रा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कला के माध्यम से दोनों देशों के बीच बने इस गहरे सांस्कृतिक सेतु की सराहना की।
उच्च स्तरीय सम्मान और द्विपक्षीय संबंध
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ (1st Class) से सम्मानित किया गया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 33वां प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान है।
प्रमुख वार्ता और समझौते
- राजनीतिक और रणनीतिक वार्ता: राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, और उभरती हुई डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- समझौता ज्ञापन (MoU): दोनों देशों ने ‘श्रम प्रवासन’ (labour migration) और ‘डिजिटल प्रौद्योगिकी’ के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
- योग का महत्व: 21 जून को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति भवन में स्लोवाकियाई स्कूली बच्चों द्वारा एक विशेष योग सत्र आयोजित किया गया, जिसे दोनों नेताओं ने देखा।
यात्रा का रणनीतिक महत्व
स्लोवाकिया की यात्रा भारत की ‘यूरोपीय जुड़ाव’ नीति का हिस्सा है। भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए, दोनों नेताओं ने इसे और अधिक ऊंचाई पर ले जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। भारत ने स्लोवाकियाई औद्योगिक आधार के साथ मिलकर रक्षा और ऑटोमोटिव क्षेत्र में संयुक्त उपक्रमों की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल राजनयिक स्तर पर सफल रहा, बल्कि इसने दोनों देशों के लोगों के बीच के संबंधों (people-to-people ties) को भी मजबूती प्रदान की। राष्ट्रपति पेलेग्रिनी द्वारा आयोजित भोज और गर्मजोशी भरा स्वागत स्लोवाकिया और भारत के बीच प्रगाढ़ होती मित्रता का प्रमाण है।










