वायु प्रदूषण से धूम्रपान न करने वालों को भी हो रहा कैंसर, रिसर्च में हुआ खुलासा

वायु प्रदूषण से धूम्रपान न करने वालों को भी हो रहा कैंसर, रिसर्च में हुआ खुलासा

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अभी तक धूम्रपान के कारण फेफड़ों में कैंसर के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में सामने आया है कि वायु प्रदूषण के कारण धूम्रपान नहीं करने वाले भी इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

अध्ययन के मुताबिक, फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित 41 फीसदी यानी हर दूसरा मरीज ऐसा है, जो धूम्रपान नहीं करता। दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र में फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित 724 मरीजों पर हुए अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।

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शोध टीम का नेतृत्व करने वाली डॉ. स्मृति वासुदेवन के अनुसार, अस्पताल में आए फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित हर 10 मरीजों में चार ऐसे मिले, जिन्होंने धूम्रपान नहीं किया था। अध्ययन के मुताबिक, धूम्रपान न करने वाले मरीजों की कैंसर का पता लगने के समय औसत आयु धूम्रपान करने वाले मरीजों से कम थी। अध्ययन में दिल्ली के मरीजों की तुलना पश्चिमी देशों में फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित मरीजों से भी की गई है।

दावा प्रदूषण और जीन म्यूटेशन वजह

अध्ययन के मुताबिक, धूम्रपान न करने वालों में फेफड़े के कैंसर के मामले अधिक होने की वजह वायु प्रदूषण और जीन म्यूटेशन हो सकती है। अध्ययनकर्ता के मुताबिक, वायु प्रदूषण को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने अध्ययन में पाया कि 78 फीसदी मरीज दिल्ली और आसपास के शहरी इलाकों से आए थे, जहां वायु की गुणवत्ता बेहद खराब होती है।