CDSCO का बड़ा फैसला: कॉस्मेटिक इंजेक्शनों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध, भ्रामक दावों पर होगी सख्त कार्रवाई






CDSCO का बड़ा फैसला: कॉस्मेटिक इंजेक्शनों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध, भ्रामक दावों पर होगी सख्त कार्रवाई

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CDSCO का बड़ा फैसला: कॉस्मेटिक इंजेक्शनों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध, भ्रामक दावों पर होगी सख्त कार्रवाई

विभाग: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO), भारत सरकार
आदेश संख्या: COS-12/1/2026-eoffice
जारी होने की तिथि: 18 मई 2026
हस्ताक्षरकर्ता: डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल – भारत)

नई दिल्ली: भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने देश के सौंदर्य और स्वास्थ्य उद्योग के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा सार्वजनिक नोटिस (Public Notice) जारी किया है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के तहत अब कॉस्मेटिक (सौंदर्य प्रसाधन) के नाम पर दिए जाने वाले इंजेक्शनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही विज्ञापनों में किए जाने वाले भ्रामक दावों और प्रतिबंधित सामग्रियों के इस्तेमाल को लेकर सख्त चेतावनी जारी की गई है।

सरकार का यह कदम देश के सौंदर्य क्लीनिकों, त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists) और आम उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। पिछले कुछ समय से बाजार में ‘स्किन व्हाइटनिंग’, ‘एंटी-एजिंग’ और ‘ग्लोइंग स्किन’ के नाम पर कई तरह के कॉस्मेटिक इंजेक्शन धड़ल्ले से बेचे और लगाए जा रहे थे, जिन्हें अब पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है।

मुख्य बात: भारत सरकार के नए नियमों के अनुसार, सौंदर्य बढ़ाने के नाम पर लगाए जाने वाले किसी भी प्रकार के इंजेक्टेबल उत्पाद (Injectable Preparations) को “कॉस्मेटिक” नहीं माना जाएगा। इनका उपयोग करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आएगा।

1. कानून के दायरे में क्या है ‘कॉस्मेटिक’? (औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940)

CDSCO ने अपने नोटिस में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) का हवाला देते हुए कॉस्मेटिक की कानूनी परिभाषा को स्पष्ट किया है। कानून के अनुसार:

“कॉस्मेटिक का अर्थ है कोई भी ऐसी वस्तु जिसे मानव शरीर या उसके किसी हिस्से पर लगाने, रगड़ने, उड़ेलने, छिड़कने या पेश करने (Introduce) के उद्देश्य से तैयार किया गया हो। इसका मुख्य कार्य शरीर की सफाई करना, सुंदरता बढ़ाना, आकर्षण को बढ़ावा देना या रूप-रंग में बदलाव करना है। इसके अतिरिक्त, कॉस्मेटिक के एक घटक (Component) के रूप में उपयोग की जाने वाली कोई भी वस्तु भी इसी दायरे में आती है।”

नोटिस में यह साफ किया गया है कि भारत में सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण, आयात, बिक्री और वितरण को कॉस्मेटिक्स रूल्स, 2020 (Cosmetics Rules, 2020) के कड़े प्रावधानों के तहत ही विनियमित (Regulate) किया जाता है। इसके दायरे से बाहर जाकर किया गया कोई भी कार्य अवैध माना जाएगा।


2. इंजेक्शन वाले सौंदर्य उत्पाद कॉस्मेटिक नहीं: क्लीनिकों पर शिकंजा

इस सार्वजनिक सूचना का सबसे बड़ा और कड़ा प्रहार उन क्लीनिकों और सौंदर्य प्रसाधन निर्माताओं पर है जो इंजेक्शन के माध्यम से सौंदर्य उपचार देने का दावा करते हैं। नोटिस के बिंदु संख्या 3 और 5 में स्पष्ट रूप से कहा गया है:

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  • इंजेक्शन कॉस्मेटिक नहीं हैं: कोई भी उत्पाद जो इंजेक्शन (Injectable Preparation) के रूप में आता है, वह कॉस्मेटिक की परिभाषा के अंतर्गत बिल्कुल नहीं आता।
  • उपयोग पर पूर्ण रोक: किसी भी उपभोक्ता, पेशेवर (Professional) या एस्थेटिक क्लीनिक (Aesthetic Clinics) को सौंदर्य बढ़ाने के लिए इंजेक्शन का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।
  • केवल बाहरी उपयोग: सौंदर्य प्रसाधन केवल मानव शरीर पर रगड़ने, उड़ेलने, छिड़कने या लगाने के लिए ही बने हैं, न कि शरीर के भीतर इंजेक्ट करने के लिए।

अक्सर देखा गया है कि ग्लूटाथियोन (Glutathione) या अन्य रसायनों के इंजेक्शन त्वचा को गोरा करने के नाम पर धड़ल्ले से लगाए जा रहे थे। CDSCO के इस स्पष्टीकरण के बाद अब ऐसे सभी ट्रीटमेंट पूरी तरह से प्रतिबंधित और अवैध माने जाएंगे।

चेतावनी: यदि कोई ब्यूटी क्लीनिक या डॉक्टर आपको “कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट” के नाम पर किसी भी प्रकार का इंजेक्शन लगाता है, तो वह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का सीधा उल्लंघन कर रहा है।

3. भ्रामक दावों और लेबलिंग से छेड़छाड़ पर सख्त पाबंदी

उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा की रक्षा के लिए, नोटिस में सौंदर्य प्रसाधनों की लेबलिंग और विज्ञापनों को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं:

  • झूठे दावों पर रोक: किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद के लेबल पर ऐसा कोई दावा नहीं किया जा सकता जो झूठा, भ्रामक या उपभोक्ता को गुमराह करने वाला हो। उत्पाद वही दावा कर सकता है जो वह वास्तव में करने में सक्षम है।
  • ओरिजिनल लेबल से छेड़छाड़ अपराध: कोई भी व्यक्ति, दुकानदार या वितरक, निर्माता द्वारा कंटेनर, लेबल या रैपर पर लिखे गए किसी भी विवरण या निशान को बदल नहीं सकता, मिटा नहीं सकता और न ही उसे विकृत (Deface) कर सकता है। ऐसा करना दंडनीय अपराध है।

4. प्रतिबंधित सामग्री (GNRAS List) और कानून का उल्लंघन

CDSCO ने स्पष्ट किया है कि सौंदर्य प्रसाधनों में केवल सुरक्षित सामग्रियों का ही उपयोग किया जा सकता है। भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards – BIS) द्वारा उन सामग्रियों की एक सूची प्रकाशित की गई है जिन्हें सामान्य रूप से सुरक्षित नहीं माना जाता (Generally Not Recognised As Safe – GNRAS) या जो पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

नोटिस के अनुसार, निम्नलिखित कृत्यों को अधिनियम और नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा और इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी:

  • कॉस्मेटिक उत्पादों में प्रतिबंधित सामग्रियों का उपयोग करना।
  • लेबल पर भ्रामक और झूठे दावे करना।
  • इलाज (Treatment) के नाम पर कॉस्मेटिक्स का गलत प्रचार करना।
  • इंजेक्शन के माध्यम से कॉस्मेटिक का शरीर में इस्तेमाल करना या करवाना।

5. आम जनता और उपभोक्ताओं के लिए अपील: यहाँ करें शिकायत

भारत सरकार ने जनता को जागरूक और सतर्क रहने की अपील की है। यदि आप किसी भी दुकान, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एस्थेटिक क्लीनिक में इस प्रकार के नियमों का उल्लंघन देखते हैं, या यदि कोई आपको कॉस्मेटिक इंजेक्शन लगाने की सलाह देता है, तो आप इसकी शिकायत सीधे नियामक प्राधिकरण (Regulatory Authority) से कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज कराने के लिए आधिकारिक माध्यम:

  • ईमेल आईडी: cosmetics@cdsco.nic.in
  • इसके अलावा आप अपने राज्य के स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी (State Licensing Authority) से भी संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

CDSCO का यह कदम देश के तेजी से बढ़ते एस्थेटिक और कॉस्मेटिक उद्योग में पारदर्शिता और सुरक्षा लाने के लिए बेहद जरूरी था। इस आदेश के बाद अब अनधिकृत रूप से चल रहे ब्यूटी क्लीनिकों पर ताला लग सकता है जो बिना किसी वैज्ञानिक आधार या अनुमति के हानिकारक इंजेक्शनों का उपयोग कर रहे थे। उपभोक्ताओं को भी अब यह समझ लेना चाहिए कि सुंदरता रातों-रात इंजेक्शन से नहीं आती, और ऐसे शॉर्टकट गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

सरकार के इस सख्त रुख से यह साफ है कि आने वाले दिनों में सौंदर्य प्रसाधनों की मैन्युफैक्चरिंग से लेकर क्लीनिकों में उनके इस्तेमाल तक, हर स्तर पर जांच और सख्त होने वाली है।

© 2026 केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO), भारत सरकार द्वारा जारी जनहित सूचना पर आधारित समाचार अपडेट।