भारत का मुरीद हुआ तुर्की, NDRF ने लोगों को जीवित निकालने के साथ 85 शव किए बरामद, सेना की मेडिकल टीम ने 3600 लोगों का किया मुफ्त में उपचार

नई दिल्ली। तुर्की में 6 फरवरी को आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या 42 हजार से ऊपर पहुंच गई है. भूकंप के बाद मचे हाहाकार के बाद दुनिया के देशों को तुर्की के आवाज देने पर भारत ने सबसे पहले ‘ऑपरेशन दोस्त’ के जरिए मदद का हाथ बढ़ाया था. तुर्की में मदद के लिए पहुंची भारतीय NDRF की टीम ने 85 शव बरामद करने के साथ दो लड़कियों को जीवित निकाला, वहीं भारतीय सेना की मेडिकल टीम ने 3600 लोगों का निःशुल्क उपचार किया,NDRF के DG अतुल करवाल ने बताया भारतीय अभियान दल को स्थानीय लोगों से बहुत सम्मान मिला. यहां तक भारतीय टीम को खाने की दिक्कत होती थी, तो वो कुछ खाने और चाय का इंतजाम करते थे. टीम से साथ गए कुत्तों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कुत्तों को सूंघने और मलबे में दबे किसी जीवित व्यक्ति की संभावना का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है. जूली ने हमें बताया कि अंदर एक व्यक्ति फंसा हुआ है, बाद में हमारे दूसरे कुत्ते रोमियो ने फिर से पुष्टि की और फिर हम एक लड़की को जिंदा बचाने में सफल रहे।

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पीएम का मिला पूरा समर्थक

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डीजी अतुल करवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पूरा समर्थन दिया और पीएमओ ने एक बैठक की और हमें तुरंत वहां जाने का निर्देश दिया और उसी दिन हमारे पासपोर्ट बन गए. IAF हमारी टीम को कोलकाता से दिल्ली लेकर आई. ITBP ने हमें सर्दियों के कपड़े मुहैया कराए और हमारी टीम बिना एक मिनट की देरी के तुर्की रवाना हो गई. इसके साथ ही उन्होंने टीम के साथ पहली बार विदेश गईं पांच महिला बचावकर्मियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने विपरित परिस्थितियों में बचाव कार्य को बखूबी अंजाम जिया।

मेडिकल टीम का हुआ अभिनंदन

वहीं दूसरी ओर तुर्की में सहायता प्रदान करने के बाद घर वापसी पर भारतीय सेना की मेडिकल टीम 60 पैरा फील्ड का सेना प्रमुख मनोज पांडेय ने अभिनंदन किया. भारतीय सेना प्रमुख ने बताया कि बहुत ही कम समय में एक स्वनिर्भर अस्पताल का निर्माण किया गया. अस्पताल में करीब 3,600 मरीजों का इलाज किया. हमें तुर्की के नागरिकों से जरूरत के समय सहायता प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करने वाले संदेश प्राप्त हुए हैं।