रेलवे का नया नियम, अकेले यात्रा कर रही बेटिकट महिला को ट्रेन से उतार नहीं सकेगा टीटी

रेलवे अपनी सेवाओं को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयासरत है। कोच के डिजाइन से लेकर ट्रेन की रफ्तार, प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन कोच की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे ने सफर में यात्रियों के लिए कई विकल्प खुले रखे हैं। रेलवे ने यात्री फ्रेंडली कुछ नियम बनाए हैं। यह रेलवे के नियम सफर में आपको परेशानी से बचा सकते हैं। खुशखबर है। यह खबर सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं है। कोई भी रेलवे के इस नियम की जानकारी रख सकता है। तो रात में अकेली बिना टिकट महिला अगर सफर कर रही है तो उसे अब टीटी ट्रेन से नहीं उतर सकता है। रेल नियम के अनुसार, यदि टीटी या कोई रेल अधिकार ऐसा करता है तो महिला रेलवे अथॉरिटी से संबंधित टीटी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती है। और रेलवे उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगा। इसके अलावा एक और बेहद अहम नियम है यह कि, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच टीटी किसी भी ट्रेन यात्री से टिकट नहीं मांग सकता है। क्योंकि इस वक्त यात्री आराम की नींद लेते हैं। पर यह नियम उन यात्रियों के लिए लागू नहीं होता जो रात में ही ट्रेन में सवार हुए हैं।

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टीटी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पर होगी कार्रवाई

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कभी-कभी देखने में आया है कि, जल्दबाजी या अन्य किसी कारण से कोई महिला या कोई नाबालिग बिना टिकट ट्रेन में सवार हो जाते हैं। पर उनको डर लगा रहता है कि, टीटी आएगा तो क्या होगा। तो इस परेशानी से बचने के लिए रेलवे ने यात्री फ्रेंडली नियम बनाए हैं। रेल नियम को जानना जरूरी है। रेलवे के नियमानुसार, रात में सफर कर रहीं अकेली बेटिकट महिला या बच्चे को ट्रेन से नहीं उतारा जा सकता। टीटीई को यह निर्देश है। बावजूद इसके अगर कोई टीटीआई ऐसा करता है तो संबंधित महिला, रेलवे अथॉरिटी से संबंधित टीटी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती है।
रात में नहीं चेक कर सकते हैं टिकट
भारतीय रेलवे का एक और यात्री फ्रेंडली नियम है। ट्रेन में टिकट जांच करने का भी नियम है। टीटीई रात मे सफर के दौरान यात्री को जगाकर टिकट दिखाने की मांग नहीं कर सकते हैं। रेल के नियम के अनुसार, रात 100 बजे से सुबह 6 बजे तक यात्री आराम की नींद ले सकते हैं, लेकिन यह नियम उन यात्रियों के लिए लागू नहीं होता जो रात में ही ट्रेन में सवार हुए हैं।
ट्रेन में कब खोल सकते हैं मिडिल सीट
ट्रेन में सफर में स्लीपर क्लास, 3 एसी क्लास के यात्रियों को मिडिल बर्थ को खोलने-बंद करने का नियम है। नियमों के अनुसार, रात में 100 से सुबह 6 बजे तक मिडिल सीट को खोला जा सकता है। बाकी के समय में अगर कोई यात्री इसे खोलने की बात कर रहा है तो आप इसकी शिकायत रेलवे अथॉरिटी को कर सकते हैं।रात में मोबाइल पर नहीं सुन सकते गाना।रेलवे का एक बेहद अहम नियम है कि, रात में आप स्पीकर फोन पर बात करने के साथ.साथ मोबाइल में किसी तरह का ऑडियो या वीडियो नहीं प्ले कर सकते हैं। क्योंकि इस वजह से सहयात्रियों की नींद में खलल पड़ सकती है।