BIG BREAKING: 2 राज्य के मुख्यमंत्रियों ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, जानिए दोनों CM ने क्यों किया रिजाइन ?

नई दिल्ली। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वहीं, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने भी इस्तीफा दे दिया है. चुनाव परिणाम के दूसरे दिन दोनों मुख्यमंत्रियों ने राज्यपालों को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

दरअसल, सीएम साहा ने शुक्रवार को राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था. राजभवन से निकलने के बाद साहा ने बताया कि आज मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है. राज्यपाल ने मुझे नई सरकार बनने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए कहा है. शपथ ग्रहण समारोह 8 मार्च को होने की संभावना है.

त्रिपुरा में बीजेपी को पूर्ण बहुमत, 60 में से 32 सीटें जीतीं

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला है. राज्य की 60 में से 32 विधानसभा सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. गुरुवार को चुनाव परिणाम आने के बाद भी साहा ने कहा था कि शपथ ग्रहण समारोह की तारीख केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी.त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 32 सीटें, टिपरा मोथा पार्टी ने 13, इंडिजेनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा ने 1, कांग्रेस ने 3 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 11 सीटें जीती हैं

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

मेघालय के मुख्यमंत्री का इस्तीफा

इधर मेघालय विधानसभा चुनाव में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के प्रमुख कोनराड संगमा ने मेघालय के राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है. नई सरकार बनाने का दावा पेश किया. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने कहा, हमारे पास 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में 32 से अधिक विधायकों के समर्थन के साथ स्पष्ट बहुमत है.

मालूम हो कोनराड के पिता पीए संगमा लोकसभा के स्पीकर रह चुके हैं. उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से अलग होकर NPP का गठन किया. उनका साल 2016 में दिल का दौरा पड़ने से दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया था. गुरुवार को घोषित चुनाव परिणामों में 59 में से 26 सीटें जीतकर एनपीपी मेघालय में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. बीजेपी सिर्फ दो सीटें जीत सकी थी.