बेमेतरा : आर.एस. व्ही. कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र ढोलिया में मनाया गया अक्ती तिहार

बेमेतरा : आर.एस. व्ही. कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र ढोलिया में मनाया गया अक्ती तिहार

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आर.एस.व्ही. कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा में आज 22 अप्रैल, 2023 को अक्ती तिहार एवं माटी पूजन दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय बेमेतरा के प्रक्षेत्र पर परंपरागत विधि से पूजा अर्चना और माटी पूजन करके अक्ती तिहार की शुरूवात की गई। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं मुख्य अतिथि आशीष छाबड़ा नें माटी पूजन एवं बीज संस्कार का कार्य पूर्ण की और शुरूवात उन्होंने खेत में बीज की बुवाई करके किया। माटी पूजन कार्यक्रम में विधायक एवं आर. एस. तोमर वरिष्ठ राज्य प्रबंधक रायपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
विधायक छाबड़ा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अक्ती तिहार छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्यौहार है। अंचल में अक्ती तिहार से खेती किसानी प्रारंभ हो जाता है। किसान बीज अंकुरण की शुरूवात इसी दिन से करते हैं। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. एम.पी ठाकुर अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय बेमेतरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह त्यौहार हमें अपनी माटी से जोड़ता है, अपने इतिहास और समाज से जोड़ता है, इसलिए परंपरागत त्यौहार को नहीं भूलना चाहिए।
डॉ. आलोक तिवारी ने इस दिन की पौराणिक मान्यता से आंगतुक को अवगत कराया और कहा कि यह आयोजन इस दिन की महत्ता बताने का एक अच्छा अवसर है। जिसमें किसान माटी पूजन, देवता पूजन एवं बीज जमाने का कार्य करते हैं। आर.एस. तोमर वरिष्ठ राज्य प्रबंधक कृषको रायपुर ने कहा कि इस त्यौहार के आरंभ से किसान कृषि कार्य आरंभ करते हैं। भले ही हम आधुनिक युग के भौतिक प्रपंचों में उलझकर परंपराओं को छोड़ रहे हैं, परंतु इस परंपरा का निर्वहन भी हमें अपनी माटी से जोड़ता है। इस कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केन्द्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य स्तर के कृषकों को दिया गया। मुख्यमंत्री बघेल के आनलाइन वर्चुअल उद्बोधन को कृषकों एवं छात्र-छात्राओं ने रूचिपूर्वक सुना। इसके बाद विधायक द्वारा कृषकों को फल वाले पौधे जैसे नींबु, संतरा, ड्रेगनफ्रूट, आंवला, स्टार आंवला, जाम का पौध वितरण किया गया। साथ-साथ कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा द्वारा सब्जियां जैसे-सेम एवं नर्सरी पौधों का भी वितरण किया गया। जिसमें 75 किसान लाभांवित हुए। इस कार्यक्रम में कृषकों को बेमेतरा क्षेत्र के धान्य एवं लधु धान्य फसलों पर विभिन्न विषयों पर जानकारी भी दिया गया। जिसमें प्राकृतिक खेती, लधुधान्य फसलों का महत्व, लधुधान्य फसलों का प्रंसस्करण एवं मूल्य सवंर्धन, वर्मीकम्पोस्ट बनाने की विधी, धान और सोयाबीन की खेती के उन्नत तकनिकी विषय पर कृषकों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसमें कृषक मित्रों ने विभिन्न विषयों से संबंधित अपनी शंकाओं को दूर किया। कृषक परिचर्चा के लिए इस कार्यक्रम में डॉ. आलोक तिवारी, तोषण ठाकुर, सहायक प्राध्यापक, डॉ. उमेष कुमार ध्रुव, डॉ. असित कुमार, डॉ. हेमलता निराला, डॉ. रविशंकर लांझियाना, कृषि महाविद्यालय के स्टाफ सहित आस पास के गांव के कृषक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।