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रायपुर : तेन्दूपत्ता संग्रहण से कोरोना संकट के बावजूद संग्राहकों का जीवकोपार्जन हुआ आसान – वन मंत्री अकबर

अकबर ने कबीरधाम जिले के रेंगाखार, रानीगुढ़ा तथा घानीखुंटा के तेन्दूपत्ता फड़ का किया निरीक्षण

रानीगुढ़ा में तेन्दूपत्ता संग्रहण केन्द्र खोलने की स्वीकृति

संग्राहकों द्वारा चालू सीजन के एक-एक सप्ताह में 15 से 30 हजार रूपए तक अर्जित की जा रही आय

छत्तीसगढ़ में अब तक तीन चैथाई से अधिक तेन्दूपत्ता का संग्रहण

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रायपुर, 28 मई 2021वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कल कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान वहां संचालित तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य का विस्तार से जायजा लिया और विकासखण्ड बोडला के अंतर्गत ग्राम रंेगाखार, ग्राम रानीगुढ़ा और ग्राम घानीखंुटा में तेन्दूपत्ता फड़ का मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया। उन्होंने इस दौरान तेन्दूपत्ता संग्राहकों से रू-ब-रू होकर तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य सहित जाॅब कार्ड तथा राशि के भुगतान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वहां तेन्दूपत्ता संग्राहकों की मांग पर ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्राम रानीगुढ़ा में शीघ्र तेन्दूपत्ता का खरीदी केन्द्र खोलने के लिए आश्वस्त किया।
वन मंत्री श्री अकबर ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों से चर्चा करते हुए बताया कि राज्य में वर्तमान में कोरोना संकट के बावजूद आदिवासी-वनवासी संग्राहक परिवारों के हित में तेन्दूपत्ता का संग्रहण कार्य जोरो पर है और चालू वर्ष के दौरान अब तक लक्ष्य 16 लाख 71 हजार मानक बोरा का तीन चैथाई से अधिक 12 लाख 55 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हो चुका है। इनमें संग्राहकों को 500 करोड़ रूपए से अधिक की राशि भुगतान योग्य है, जिनका संग्राहकों का शीघ्रता से भुगतान जारी है। उन्होंने कहा कि तेन्दूपत्ता के संग्रहण कार्य से संग्रहक परिवारों को अपना जीवकोपार्जन आसान हो गया है और उन्हें वैश्विक महामारी कोरोना के इस संकट की घड़ी में भी रोजी-रोटी की कोई समस्या नहीं है। इससे तेन्दूपत्ता संग्राहकों को रोजगार के साथ-साथ अतिरिक्त आमदनी बड़े तादाद में होने लगी है।
वन मंत्री श्री अकबर ने संग्राहकों से चर्चा करते हुए यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2021 में तेन्दूपत्ता संग्रहण कर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। राज्य में वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य से लगभग 13 लाख आदिवासी-वनवासी संग्राहक परिवारों को सीधा-सीधा लाभ मिल रहा है। इसके संग्रहण कार्य माह मई तथा जून में दो माह के भीतर संग्राहकों को 668 करोड़ रूपए की राशि के संग्रहण पारिश्रमिक का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए संग्रहण के दौरान संग्राहकों को शासन के दिशा-निर्देशों सहित कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन कराया जा रहा है।
वन मंत्री श्री अकबर से चर्चा के दौरान तेन्दूपत्ता संग्राहकों ने भी खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि शासन द्वारा संचालित तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य से हमें अपने जीवन-यापन के लिए बहुत बड़ी सुविधा हो गई है। इससे हमें वर्तमान में कोरोना संकट की घड़ी में भी कोई परेशानी नहीं हो रही है और इसके संग्रहण से अतिरिक्त आमदनी भी मिल रही है। संग्राहकों द्वारा यह भी बताया गया कि चालू सीजन के दौरान अभी एक-एस सप्ताह में 15 से लेकर 30 हजार रूपए तक की राशि पारिश्रमिक के रूप में प्राप्त हो चुकी है। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नागरिक रामकली धु्रर्वे नीलकंठ चंद्रवंशीा, कन्हैया अग्रवाल कलीम खान, जमील खान, सुमरन सिंह धु्रर्वे, तानसेन चैधरी, लेखराम पंचेश्वर, मोहन अग्रवाल तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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