खाली बीयर कैन ने यूपी पुलिस को मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में की मदद की

खाली बीयर कैन ने यूपी पुलिस को मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में की मदद की

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लखनऊ, बीयर के खाली कैन को फेंक देना कभी-कभी एक मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठाने में मदद कर सकता है। वारदात स्थल से कुछ दूरी पर फेंके गए बीयर के डिब्बे ने उत्तर प्रदेश के काकोरी में पुलिस की मदद की। पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी को पकड़ लिया।
पेशे से साहूकार अमित रैदास 19 मई को यह कहकर घर से निकला था कि वह कुछ लोगों से कर्ज वसूलने जा रहा है।

डीसीपी (पश्चिम क्षेत्र) राहुल राज ने कहा, अगले दिन, उसका शव लखनऊ-काकोरी राजमार्ग पर सकरा गांव से बरामद किया गया। पुलिस की छह टीमों को मामले को सुलझाने के लिए बनाया गया था।

पुलिस अधिकारी ने कहा, अपराध स्थल के पास से बीयर के तीन कैन और कुछ बीड़ी बरामद की गई। हमने बीयर के कैन लिए और कैन पर कोड स्कैन किया। यह सामने आया कि कैन एक ही दुकान से लाए गए थे।

शराब की दुकान घटनास्थल से दो किमी दूर थी। बीच में सकरा और दोना दो गांव थे, जहां रैदास के कुछ लोग नियमित रूप से ब्याज पर पैसा लेते थे।

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राज ने कहा, हमने हत्या से दो दिन पहले दुकान के सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया और उन्हें पीड़ित परिवार के सदस्यों को दिखाया।

परिवार ने 28 वर्षीय बिरजू शर्मा की पहचान की, जो कुछ कर्जदारों के लिए जमानतदार था।

पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की, जबकि उसके फोन रिकॉर्ड से पता चला कि वह उस दिन वारदात स्थल पर मौजूद था।

अधिकारी ने कहा, बिरजू ने सब कुछ उगल दिया और हमें बताया कि उसके दोस्त सुमित, जिसने जनवरी में रैदास से 30 हजार रुपये का ऋण लिया था, की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

वह डर गया था, क्योंकि वह सुमित का जमानतदार था और रैदास उस पर सुमित के परिवार से पैसे की व्यवस्था करने के लिए दबाव डाल रहा था।

18 मई को बिरजू की रैदास से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद रैदास ने पुलिस के पास जाने की धमकी दी थी।

इसके बाद बिरजू ने अपने दोस्तों 21 वर्षीय सतेंद्र कुमार और 43 वर्षीय नसीमुद्दीन अली के साथ रैदास को मारने की साजिश रची। पैसे लौटाने के बहाने उसे मौके पर बुलाया और पीट-पीट कर मार डाला।

अब तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।