देश के बड़े राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश को “बेस्ट परफार्मिंग लार्ज स्टेट– हाइयेस्ट प्री-ऑथोराइजेशंस विथ बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन” श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। यह पुरस्कार राज्य में योजना के अंतर्गत बायोमेट्रिक आधारित प्री-ऑथराइजेशन प्रक्रिया के अत्यंत प्रभावी, पारदर्शी और सफल क्रियान्वयन को रेखांकित करता है।

“यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, तकनीक आधारित सुशासन और जनहितकारी नीतियों के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।”
चिंतन शिविर के दौरान नई दिल्ली में हुआ भव्य सम्मान समारोह
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में एक विशेष राष्ट्रीय समीक्षा बैठक एवं ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव द्वारा आयुष्मान भारत निरामयम् मध्य प्रदेश के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह को यह गौरवशाली पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल, संयुक्त सचिव किरण गोपाल वास्का सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के कई वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नेतृत्व और प्रशासनिक टीम को मिल रही बधाइयाँ
मध्य प्रदेश को मिली इस बड़ी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा हर्ष व्यक्त किया है और आयुष्मान भारत निरामयम् मध्य प्रदेश की पूरी टीम को इस शानदार सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी इस राष्ट्रीय सम्मान पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के सुदृढ़ और दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर अधिक प्रभावी, पारदर्शी और पूरी तरह से जन-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय आयुष्मान भारत निरामयम् मध्य प्रदेश की समर्पित टीम, मैदानी जिला अधिकारियों, विभिन्न चिकित्सालयों तथा योजना से जुड़े समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों के अथक परिश्रम को दिया है।
योजना का विस्तार और तकनीक आधारित सुशासन
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों को वित्तीय जोखिम से बचाना है। मध्य प्रदेश ने इस योजना के क्रियान्वयन में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन) तकनीक का अभूतपूर्व और व्यापक उपयोग किया है। इससे न केवल फर्जीवाड़े की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हुई है, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों तक समय पर और सुगमता से चिकित्सा एवं प्री-ऑथराइजेशन की सुविधाएँ सुनिश्चित हुई हैं।
पारदर्शिता और सुशासन के इस मॉडल ने मध्य प्रदेश को देश के अन्य बड़े राज्यों के मुकाबले अग्रणी पंक्ति में ला खड़ा किया है। राज्य सरकार की यह पहल गरीब तबके के नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में कैशलेस और कागज रहित उपचार की सुविधा सहजता से मिल रही है।














