भूपेश बघेल सरकार की न्याय योजनाओं से किसानो, खेतिहर मजदूर की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है – जनक ध्रुव

भूपेश बघेल सरकार की न्याय योजनाओं से किसानो, खेतिहर मजदूर की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है – जनक ध्रुव

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

गरियाबंद- छत्तीसगढ़ प्रदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की न्याय योजनाओं के माध्यम से किसानो, पशुपालको और खेतिहर मजदूरो की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है उक्त बाते आदिवासी कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव ने पत्रकारो से चर्चा करते हुए कही। उन्होने आगे कहा इस वर्ष राज्य सरकार ने 1 करोड़ 10 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी की है किसानो को उनके उपज का सही दाम दिया जा रहा है। श्री ध्रुव ने किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया भूपेश बघेल सरकार ने धान विक्रय की सीमा प्रति एकड़ 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल करने की घोषणा की है इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसानो को मिलेगा छत्तीसगढ़ की न्याय योजनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और इससे प्रदेश के सभी वर्गो में समृद्धि और खुशहाली आई है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव ने कहा भूपेश बघेल की नेतृत्व वाली हमारी कांग्रेस सरकार ने हमेशा आदिवासियों के हित और विकास के लिए कार्य किया है सरकार आदिवासी संस्कृति का संरक्षण कर रही है उनके विकास के लिए कई योजनाएं भी चला रही है 09 अगस्त का दिन विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है पूरे देश में छत्तीसगढ़ ही पहला राज्य है जहां आदिवासियों के भावनाओं को समझते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दिन अवकाश घोषित किया है। तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 4 हजार रूपये और 65 प्रकारो के वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी किया जा रहा है इतना ही नही मुख्यमंत्री ने नरवा, गरवा, घुरवा बाड़ी जैसी योजना चलाकर छत्तीसगढ़ के किसानो गरीबो और महिला समूहो की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का कार्य कर रही है यहां तक की दूरस्थ वनांचलो में निवासरत लोगो को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना चला रहे है जिसके माध्यम से दूरस्थ अंचलो में निवासरत लोगो को स्वास्थ्य सुविधा मिल रहा है हाट बाजारों में शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और निःशुल्क दवा के साथ उचित परामर्श प्रदान किया जाता है।