Advertisement

प्रदेश सरकार का घोर किसान विरोधी चरित्र फिर बेनक़ाब : भाजपा

पूछा : किसानों की खुशहाली का दावा करने वाली सरकार बताए, मृतक किसान पर कर्ज क्यों चढ़ा?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के जाँच दल ने महासमुन्द जिले में खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छुईहा में किसान कन्हैया सिन्हा की आत्महत्या के मामले में न्यायिक जाँच और मृतक किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवज़ा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। जाँच दल के सदस्यों सांसद चुन्नीलाल साहू, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू और महासमुंद जिला भाजपा अध्यक्ष व पूर्व संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने रविवार को राजधानी के एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधत करते हुए घटना की जाँच के बाद सामने आए तथ्यों को साझा करते हुए कहा कि  भूपेश की गलत नीति के चलते फिर एक किसान को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी इस आत्महत्या के लिए सिर्फ और सिर्फ भूपेश बघेल जिम्मेदार है  उन्होंने यह भी ऐलान किया कि भाजपा इस मामले में सदन से सड़क तक की लड़ाई लड़ेगी।

विदित रहे, प्रदेश भाजपा द्वारा किसान आत्महत्या मामले की जाँच हेतु गठित पाँच सदस्यीय जाँच दल शनिवार को ग्राम छुईहा पहुँचा था। दल के संयोजक पूर्व मंत्री व विधायक ननकीराम कँवर की अगुआई में सांसद चुन्नीलाल साहू, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू, प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा व पूर्व विधायक प्रीतम सिंह दीवान समेत प्रदेश, जिला तथा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा व मोर्चों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता काफी संख्या में ग्राम छुईहा पहुँचे थे। भाजपा जाँच दल ने ग्राम में मृतक किसान कन्हैया के निवास पर पहुँचकर मृतक किसान के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिजनों को ढाँढ़स बंधाया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। जाँच दल ने घटना के जुड़े सत्य व तथ्य का विश्लेषण किया। जाँच दल अब अपना जाँच प्रतिवेदन प्रदेश भाजपा को सौंपेगा। मृतक किसान की पत्नी मिलवंतीन बाई, पुत्र भागीरथी व पौत्र-पौत्रियों ने बताया कि खेती-किसानी से ही उनके परिवार का भरण-पोषण हो रहा है, लेकिन कभी लो-वोल्टेज़ के कारण पानी की कमी, कभी फ़सल पर बीमारियों का प्रकोप होने से पिछले 8-9 वर्षों से फ़सल का नुक़सान हो रहा था और लगातार घाटा उठाना पड़ रहा था। कर्ज़ काफी बढ़ गया और शासन-प्रशासन की बेरुख़ी के चलते कन्हैया सिन्हा को यह आत्मघाती क़दम उठाना पड़ा।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व जाँच दल के सदस्य संदीप शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन द्वारा इस मामले में लीपापोती की जा रही है और मृतक के परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का झूठा दावा किया जा रहा है। यहाँ रिकॉर्ड में दिख रहा है कि 2019 के बाद बैंक व साहूकारों से सात-आठ लाख रुपए का कर्ज़ इस किसान ने लिया था। इससे पहले इसके नाम पर कोई कर्ज़ नहीं था। उन्होने सवाल किया कि कांग्रेस की इस प्रदेश सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि इस किसान को कर्ज़ लेना पड़ा? यह कहना हास्यास्पद है कि मृतक किसान ने चार लाख रुपए का धान बेचा। चार एकड़ की खेती में चार लाख रुपए का धान कोई किसान कहाँ से बेच देगा? यह सब गप्पें हाँकना प्रदेश की भूपेश सरकार की आदत बन गई है। अगर प्रदेश के किसानों की खु़शहाली का दावा प्रदेश सरकार कर रही है तो वह इस बात का ज़वाब दे कि मृतक किसान पर कर्ज़ क्यों चढ़ा? प्रदेश में किसान आत्महत्या के लिए मज़बूर क्यों हो रहे हैं? प्रदेश सरकार केवल झूठे दावों और आँकड़ों का ढिंढोरा न पीटे।

उन्होंने कहा कि लो-वोल्टेज़ के कारण पिछले साल उसकी पूरी फ़सल बर्बाद हो गई। उससे पहले भूरा माहो से उसकी फ़सल ख़राब हो गई थी। उसका भी किसान को फ़सल बीमा का कोई लाभ नही मिला। इस बर्बादी का ज़िम्मेदार कौन है? भाजपा लगातार यह मुद्दा उठाती आ रही है कि बिजली समस्या, नकली खाद और कीटनाशक दवाओं की बिक्री , फसल बीमा में कोताही से किसान परेशान हो रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता इधर-उधर की बातें न करें, यह बताएँ कि किसानों का क़ाफ़िला लुट क्यों रहा है? प्रदेश सरकार बड़ी-बड़ी बातें न करके प्रदेश के किसानों के साथ घटने वाली हर दुर्घटना के लिए अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरे प्रदेशों में जाकर 50-50 लाख रुपए का मुआवज़ा बाँटने वाली प्रदेश सरकार को छत्तीसगढ़ के किसानों के प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा और मुख्यमंत्री बघेल को इस परिवार के साथ आकर खड़ा होना पड़ेगा। प्रदेश सरकार दूसरों पर सवाल उठाने के बजाय खु़द से सवाल करे कि वह छत्तीसगढ़ के किसानों को क्या दे रही है? किसानों को न सही आनावारी रिपोर्ट की जानकारी दी जा रही है, न ही उन्हें फसल बीमा का लाभ मिल पा रहा है।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47